जीआईएस सर्वे से बढ़े हाउस टैक्स का जबरदस्त विरोध होने के बावजूद नगर निगम ने अभी तक 22 करोड़ से अधिक की वसूली की है। पिछले साल की तुलना में नगर निगम ने इस साल की पहली छमाही में 2.3 करोड़ की अधिक वसूली की है। नगर निगम के अधिकारियों का अनुमान है कि साल के अंत तक वसूली ढाई गुना बढ़ सकती है।
नगर निगम के रिकाॅर्ड के अनुसार 30 सितंबर 2024 तक नगर निगम ने 22 करोड़ आठ लाख रुपये हाउस टैक्स के रूप में वसूल किए हैं। पिछले साल सितंबर तक कुल वसूली 19 करोड़ 73 लाख हुई थी। इस प्रकार पिछले साल से दो करोड़ 30 लाख की अधिक वसूली की गई है।
वर्तमान वर्ष में 129215 पुरानी संपत्तियों और 34 हजार 672 पुराने भवनों से हाउस टैक्स वसूला गया है। पुराने भवनों से 17 करोड़ 54 लाख वसूले गए हैं। वसूली बढ़ने का कारण 8790 नए भवन और नई संपत्तियां भी रही हैं।
नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने बताया कि अभी तक बड़े व्यवसायियों से वसूली नहीं की गई है। अभी तक सवा लाख घर और 50 हजार से अधिक नए भवनों को लक्ष्य बनाया गया था। 70 प्रतिशत घरों से हाउस टैक्स वसूले गए हैं। 50 हजार ऐसे आवास हैं, जहां से कभी भी हाउस टैक्स नहीं वसूले गए थे।
संभावना है कि बड़े व्यवसायियों से वसूली के बाद पिछले साल की तुलना में ढाई गुना टैक्स बढ़ेगा। अभी टैक्स का लक्ष्य 69 करोड़ निर्धारित है। कामर्शियल वसूली होने पर इस साल का आंकड़ा सौ करोड़ के पार भी जा सकता है। शासन ने वसूली के आधार पर सबसे अधिक रोड निर्माण के लिए धन आवंटित किया।