परिजनों को दिखाया कार्रवाई का डर
मानसिक रूप से कमजोर किशोरी 10 सितंबर से घर से गायब थी। आरोपी पड़ोसियों ने उनके परिवार को डराया कि तुम्हारा सत्यापन नहीं हुआ है। यहां किराये के मकान में रह रहे हो। अगर शिकायत करने जाओगे तो जुर्माना भरना पड़ेगा। इस डर से परिवार वाले खुद ही बेटी की तलाश करते रहे। कई दिन बाद भी जब बेटी नहीं मिली, तो उन लोगों ने 29 सितंबर को कुंडा थाना में शिकायत की।
बेटी को नहीं दे पाए अंतिम विदाई
नाबालिग बेटी को परिजन आखिरी बार देख तक नहीं पाए। दरअसल, किशोरी की हत्या 19 सितंबर को कर दी गई थी। इसके बाद 22 सितंबर को कांठ में मुरादाबाद पुलिस ने शव बरामद किया था। शव की शिनाख्त के लिए जब कोई नहीं पहुंचा तो पुलिस ने अज्ञात में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं, जब कुंडा पुलिस ने तहरीर मिलने के बाद मुरादाबाद पुलिस से संपर्क किया, तब किशोरी की पुष्टि हुई। परिजन आखिरी बार अपनी बेटी को देख तक नहीं पाए। बताया गया कि किशोरी के पिता ने परिवार को छोड़ दिया था जिसके चलते मां अपने बच्चों को लेकर काशीपुर आ गई और यहां मजदूरी करती है।