कांठ के पचोकरा खानपुर गांव के जंगल में बने नलकूप के कुएं में तेंदुआ गिर गया। रविवार सुबह खेत में काम करने पहुंचे किसानों ने कुएं से आवाज आने पर उसमें झांककर देखा। कुएं में तेंदुआ देखा किसान डर गए और उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी। शाम के समय पीलीभीत टाइगर रिजर्व से पहुंची डॉक्टरों की टीम ने करीब दो घंटे के रेस्क्यू के बाद तेंदुए को ट्रैंक्यूलाइज कर कुएं से बाहर निकलवाया। जिसे मुरादाबाद के डियर पार्क में भिजवाया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने रविवार सुबह करीब 11 बजे पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टीम को कुएं में तेंदुआ गिरने की सूचना दी। जिस पर शाम करीब पांच बजे पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टीम पहुंची। डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि पीलीभीत से आए डॉ. दक्ष और डॉ. गंगवार ने टीम के सहयोग से ट्रैंक्यूलाइज कर तेंदुए को कुएं से बाहर निकलवाया है। इसके बाद तेंदुए को डीयर पार्क मुरादाबाद ले जाया गया है। जहां तेंदुए का इलाज कराकर डॉक्टरों से फिटनेस प्रमाणपत्र लिया जाएगा। वन दरोगा राजेंद्र सिंह ने बताया कि तेंदुआ जवान और नर है।
कुएं में तेंदुआ गिरने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। पचोकरा सहित संदलीपुर, छज्जूपुरा, चौंहरा रसूलपुर, चक, सदरपुर, कुचावली आदि गांवों के लोग तेंदुआ देखने कुएं के पास पहुंचे। वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को कुएं से दूर हटाया।
कांठ तहसील क्षेत्र पहले से ही तेंदुआ बाहुल्य घोषित है, लेकिन यहां वन विभाग के पास उन्हें पकड़ने के लिए पर्याप्त संसाधन तक नहीं हैं। क्षेत्र में कहीं न कहीं हर रोज तेंदुए दिखाई देते रहते हैं, जिससे लोगों में दहशत व्याप्त है। 21 नवंबर को तेंदुए ने कांठ के गांव मिश्रीपुर मेडेयो में एक गाय काे मार डाला था।
तहसील क्षेत्र में तेंदुए कमालपुरी जंगल, सलेमपुर, मिश्रीपुर, हीरापुरा, खलीलपुर कद्दीम, फूलपुर मिठ्ठनपुर, पोटा, मुंडाखेड़ी, फत्तेहपुर विश्नोई, छजलैट, पेली विश्नोई, महमूदपुर माफी, गढ़ी, गोपालपुर, बहादरपुर खद्दर, राजीपुर खद्दर, दरियापुर, निघि, मतलपुर, चौहरा चेतरामपुर, सदरपुर, संदलीपुर, मानपुर, रसूलपुर चौहरा, शाहूपुर, देहरी जुम्मन, शेखूपुरा, मुख्त्यारपुर नवादा, खतापुर आदि ग्रामीण क्षेत्र में अक्सर तेंदुए दिखाई देते हैं। पूर्व में कई तमाम स्थानों से तेंदुए के शावक भी मिल चुके हैं।