कांठ में शिव परिवार के साथ अपनी मंजिल की ओर जाते कांवड़िये। संवाद
- फोटो : संगठन
कांठ। सावन माह के अंतिम सोमवार को भगवान शंकर का जलाभिषेक करने के लिए बड़ी तादाद में पवित्र गंगाजल ला रहे कांवड़ियों की वापसी हो रही है। उनके द्वारा लगाए जा रहे जयकारों से कांठ नगरी पूरी तरह शिवमय हो गई है।
मुरादाबाद-हरिद्वार स्टेट हाइवे पर हर ओर केसरिया वस्त्रधारी कांवड़िये ही कांवड़िये दिखाई दे रहे हैं। वह हर-हर महादेव के जयकारो के संग पग-पग अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। कांवड़ बेड़ों में शामिल झांकियां श्रद्धालुओं को नत मस्तक तथा धार्मिक धुनों पर गाये जाने वाले भजन झूमने को विवशकर रहे हैं। शुक्रवार को बरेली, पीलीभीत, अलीगंज, रामपुर, मीरगंज, शेरगढ़, बहेड़ी, शाहबाद, टांडा, मिलक, बिलासपुर, संभल, चंदौसी, बिलारी, कुंदरकी आदि के तमाम बेड़े कांठ नगर से होकर निकले तो क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह से शिवमय हो गया। कांवड़ियों की संख्या को देखते हुए पुलिस और प्रशासन को भी हाइवे पर व्यवस्था बनाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। सभी प्वाइंटों पर पुलिस की ड्यूटी बढ़ा दी गई है। वाहनों की चेकिंग भी की जा रही है।
कांठ में शिव परिवार के साथ अपनी मंजिल की ओर जाते कांवड़िये। संवाद- फोटो : संगठन
कांठ में शिव परिवार के साथ अपनी मंजिल की ओर जाते कांवड़िये। संवाद- फोटो : संगठन
कांठ में शिव परिवार के साथ अपनी मंजिल की ओर जाते कांवड़िये। संवाद- फोटो : संगठन