मुरादाबाद। मुरादाबाद-गाजियाबाद रेलखंड को स्मार्ट बनाने का काम शुरू हो गया है। 110 किमी के इस रेलखंड में हर किमी. पर एक सिग्नल लगाया जाएगा। इससे ट्रैक पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने में आसानी होगी। साथ ही ट्रेनों की गति और समयपालन में भी सुधार आएगा। 1500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में गाजियाबाद-मुरादाबाद-रोजा तक ऑटोमेटिक सेक्शन बनाया जाएगा।
इसके लिए जगह जगह रेलवे ने नॉन इंटरलॉकिंग का काम भी पूरा कर लिया है। पहले चरण में मुरादाबाद-गाजियाबाद रेलखंड पर गाजियाबाद-हापुड़ के बीच कार्य शुरू हो चुका है। फिलहाल एक स्टेशन से गाड़ी निकलने के बाद अगला सिग्नल दूसरे स्टेशन के आउटर पर मिलता है। यह दूरी 10-12 किलोमीटर से 20-25 किमी. की होती है।
अब तक चल रही व्यवस्था में यदि एक ट्रेन मुरादाबाद व दूसरी ट्रेन लोदीपुर स्टेशन पर खड़ी है तो मुरादाबाद वाली ट्रेन तब ही आगे बढ़ेगी जब लोदीपुर से दूसरी ट्रेन आगे निकल जाएगी। हर किमी. पर सिगनल लगने के बाद ऐसा नहीं होगा। लोदीपुर स्टेशन से दूसरी ट्रेन के आगे बढ़ने से पहले ही मुरादाबाद वाली ट्रेन आगे बढ़ सकेगी। इस तरह हर किमी. पर ड्राइवर को आगे के सिग्नल की जानकारी मिलती रहेगी।
डबल डिस्टैंड से आउटर पर धीमी नहीं करनी पड़ेगी ट्रेन
ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग में रोजा से लखनऊ के बीच डबल डिस्टैंड भी लगाए जाएंगे। इसमें होम सिग्नल से पहले दो अतिरिक्त सिग्नल होंगे, जोकि ट्रेन ड्राइवर को संकेत देंगे की रफ्तार कम करनी है या नहीं। अब तक ट्रेन को आउटर पर धीमा करना पड़ता है, क्योंकि ड्राइवर को पता नहीं होता कि आगे ट्रेन है या नहीं। डबल डिस्टैंड लगने के बाद यह जानकारी मिलने लगेगी। यदि सिग्नल क्लियर है तो ड्राइवर को तीन किमी. पहले ही ट्रेन की गति धीमी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वंदे भारत जैसी तेज गति की ट्रेनों को इससे फायदा होगा।
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अगले साल बरेली-शाहजहांपुर-रोजा सेक्शन बनाए जाएंगे स्मार्ट
1500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में इस वित्तीय वर्ष में मुरादाबाद से गाजियाबाद के बीच सिग्नल व्यवस्था को हाईटेक बनाने पर काम होगा। अगले साल बरेली-शाहजहांपुर सेक्शन में काम होगा। इसके बाद शाहजहांपुर से रोजा के बीच रेलखंड को स्मार्ट बनाया जाएगा। तब तक रेलवे गाजियाबाद से रोजा तक 642 किमी. के इस हिस्से में कई फाटकों को बंद कर ओवरब्रिज व अंडरपास भी बनाएगा। इस योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। कई स्थानों पर फाटक के पास आबादी वाले इलाकों में बाउंड्रीवॉल भी बनाई गई हैं।
गाजियाबाद-मुरादाबाद रेलखंड पर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का काम शुरू हो गया है। इस वित्तीय वर्ष में यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। अगले वर्ष मुरादाबाद-बरेली-शाहजहांपुर सेक्शन में काम होगा। इससे ट्रैक पर ट्रेनों की संख्या व गति दोनों बढ़ जाएगी।
- आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम