मुरादाबाद। कोरोना की दहशत के बीच मुरादाबाद के लिए अच्छी खबर है। कोरोना आशंकित लोगों की जांच के लिए ट्रू नेट (न्यूक्लिक एसिड एम्लीफिकेशन टेस्ट) मशीन मिल गई है। मशीन को जिला अस्पताल स्थित प्रस्तावित माइक्रोबायोलॉजी लैब विभाग कक्ष में इंस्टॉल किया जा रहा है। मशीन की मदद से इमरजेंसी केस में एक घंटे के भीतर ही आशंकित की कोरोना जांच रिपोर्ट आ जाएगी। मशीन से प्रतिदिन अधिकतम 20 सैंपलों की जांच हो सकती है। वहीं, जिला अस्पताल में इसी माह माइक्रोबायोलॉजी लैब भी स्थापित हो जाएगी।
मुरादाबाद में मंडल स्तर की माइक्रोबायोलॉजी लैब स्थापित होनी है। शासन स्तर पर इसकी कवायद होने पर जिला अस्पताल में लैब के लिए जगह चिह्नित की गई है। मुरादाबाद के कोरोना आशंकितों के सैंपल केजीएमयू भेजे जा रहे हैं। इससे पहले अलीगढ़ और पीजीआई लखनऊ भेजे जाते थे। सैंपल की रिपोर्ट आने में दो दिन लगते हैं। इमरजेंसी ऑपरेशन केस होने पर मरीजों और अस्पताल के चिकित्सकों को रिपोर्ट आने का इंतजार करना पड़ता है। माइक्रोबायोलॉजी लैब स्थापित होने से पहले मुरादाबाद को ट्रू नेट मशीन मिल गई है। मशीन को जिला अस्पताल में ही प्रस्तावित लैब के कक्ष में इंस्टॉल किया जा रहा है। मशीन इंस्टॉल होने पर माइक्रो बायोलॉजिस्ट इसका संचालन करेंगे। स्टाफ की ट्रेनिंग पूरी हो गई है। मशीन की मदद से एक घंटे में आशंकित की कोरोना जांच रिपोर्ट मिल जाएगी।
- ट्रू नेट मशीन जिला अस्पताल में इंस्टॉल की जा रही है। इमरजेंसी आपरेशन केस में मशीन से कोरोना की जांच की जाएगी। खासकर, डिलीवरी में इसकी सबसे अधिक मदद मिलेगी। माइक्रो बायोलॉजिस्ट और उनकी टीम इसे संचालित करेगी। इस महीने में माइक्रो बायोलॉजी लैब भी स्थापित हो जाएगी। - डा. एमसी गर्ग, सीएमओ
आटोमेटिक ट्रू नेट मशीन में एक घंटे में सैंपल रिपोर्ट
मुरादाबाद। ट्रू नेट मशीन आटोमेटिक है। मशीन से एक घंटे में सैंपल की जांच रिपोर्ट आ जाती है। प्रतिदिन अधिकतम 20 सैंपलों की जांच हो सकती है। मशीन का इस्तेमाल पहले से वायरस की जांच करने के लिए होता आया है। मशीन को मोबाइल यूनिट की तरह भी कहीं भी ले जाकर जांच की जा सकती है। मशीन 40 डिग्री सेल्सियस में भी काम करती है। जबकि दूसरी आटोमेटिक मशीनों के संचालन के लिए नार्मल 16 से 24 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है। इसलिए मशीनों को एसी कक्ष में लगाया जाता है।