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Moradabad: अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह में नेपाल की पांच युवतियां शामिल, नाइजीरियाई सरगना के लिए कर रही काम

Sat, 04 Oct 2025 11:57 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गैंग सरगना समेत दो महिला सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि नेपाल की पांच और महिलाएं नाइजीरियाई सरगना के लिए काम कर रही थी। मुरादाबाद की शिक्षिका को भी इसकी गैंग ने ठगा था। 
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मुरादाबाद में पकड़े गए आरोपी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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दिल्ली में बैठ कर देश के 18 राज्यों के 500 से ज्यादा लोगों से 100 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के नाइजीरियाई सरगना के लिए नेपाल की पांच और युवतियां काम कर रही हैं। यह युवतियां दिल्ली और नोएडा में रहकर लोगों से संपर्क कर उनके खाते खुलवातीं हैं।

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इन खातों में ही साइबर ठगी की रकम मंगवाई जाती थी। साइबर अपराध थाने की पुलिस इन लड़कियां की तलाश में जुट गई है।  कटघर क्षेत्र में रहने वाली शिक्षिका ने 31 अगस्त 2025 को साइबर थाने में केस दर्ज कराया था जिसमें शिक्षिका ने बताया कि साइबर ठगों ने उससे 94.78 लाख रुपये की साइबर ठगी की है।

साइबर थाने की पुलिस ने बुधवार की रात दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में रह रहे नाइजीरिया निवासी छिनवेओक एनर्मनुएल और नेपाली युवती संगीता व ममता को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि संगीता और ममता के नाम पर अलग-अलग बैंकों में 25-25 खाते हैं।
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इनके खातों में शिक्षिका से ठगी की गई रकम को ट्रांसफर कराया गया था। इस गिरोह के नाइजीरियाई सरगना छिनवेओक एनर्मनुएल ने ही शिक्षिका की प्रोफाइल देखकर खुद को डॉ. आरव सिंह बताकर कॉल की थी।

पूछताछ में पता चला नाइजीरियाई ने अपना गिरोह बनाकर 500 लोगों से 100 करोड़ से ज्यादा रुपये ठगे हैं। इस गिरोह में संगीता ममता के अलावा भी नेपाल की पांच युवतियां और शामिल हैं। इनके भी फर्जी आधार कार्ड और पेनकार्ड बनाए हैं। 

योजनाओं का लाभ दिलाने का देते थे झांसा
यह युवतियां फैक्टरी में काम करने वाली महिलाओं, युवकों, ईंट भट्ठा व कारखानों में काम करने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर उनके आधार कार्ड और पेनकार्ड हासिल करने के बाद उनसे खाता खुलवा कर नाइजीरियाई को देती हैं। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम मंगवाने के लिए किया जाता है। 
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गिरोह के अन्य लोगों के बारे में जुटाई जा रही जानकारी
साइबर अपराध थाने के प्रभारी मनोज परमार ने बताया कि गिरोह में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है जिन-जिन खातों रकम भेजी गई है। उन सभी का डाटा निकलवाया जा रहा है। इसके अलावा दूसरे राज्यों की पुलिस से संपर्क कर उन्हें भी साइबर ठगों के पकड़े जाने जानकारी दी गई है।

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