मृतक की नहीं हो पाई शिनाख्त
सरफराज उर्फ नन्हे के घर लौटने के बाद नदी में मिले शव की पहचान कराने में पुलिस दोबारा जुट गई। पुलिस ने आसपास के जनपदों में सूचना भेजने के साथ ही सोशल मीडिया पर भी मृतक के फोटो शेयर किए हैं, जिससे पहचान कराने में मदद मिल सके।
सीओ कांठ अपेक्षा निंबाडिया ने बताया कि शव पर चोट या फिर अन्य किसी प्रकार का कोई निशान नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।
सिविल लाइंस क्षेत्र में भी हुई थी ऐसी ही घटना
सिविल लाइंस की हिमगिरी कॉलोनी निवासी अनिल अग्रवाल का बेटा कार्तिक 11वीं कक्षा में पढ़ता था। 22 सितंबर 2014 को वह साइकिल से स्कूल जाने के लिए निकला था, लेकिन घर वापस नहीं आया। तीन दिन बाद हापुड़ में एक किशोर का शव मिला था।
परिजन हापुड़ पहुंचे और कार्तिक का शव समझकर घर ले आए थे और अंतिम संस्कार भी कर दिया था। इसके अगले दिन हापुड़ पुलिस ने विक्की नाम के किशोर के लापता होने के मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।
तब पता चला था कि उन्होंने विक्की की हत्या कर दी। कार्तिक के परिजनों ने जिस शव का अंतिम संस्कार किया था वो विक्की का था। 10 साल बाद भी पुलिस कार्तिक को नहीं ढूंढ पाई है।