मुरादाबाद के डिलारी थानाक्षेत्र के दो गांवों में मंगलवार देर रात तेंदुए ने सो रहे ग्रामीणों पर हमला कर दिया। जिसमें चार मासूम समेत सात घायल हो गए। इस घटना से गांव में चीख पुकार मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कर्मी एंबुलेंस लेकर गांव पहुंच गए और घायलों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। इस हमले की वजह से आस पड़ोस के कई गांवों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के मुतबाकि, मंगलवार रात करीब दो बजे डिलारी थानाक्षेत्र के धींगरपुर गांव में मुनाजिर के परिजन घर में सो रहे थे। इसी दौरान घर में तेंदुआ घुस गया। उसने बकरी पर हमला किया। इसी बीच परिवार के लोग जाग और उन्होंने शोर मचा दिया। जिससे अन्य ग्रामीण भी जाग गए। उन्होंने तेंदुए को दौड़ा लिया। कुछ ही देर बाद तेंदुआ पड़ोसी गांव मूलावाहन गांव पहुंच गया।
यहां तेंदुए ने एक के बाद एक दस से ज्यादा घरों में हमला किया। इस हमले उजमा(05), मोहम्मद शाकिर(05), अंजू(53), आसिफ(11), मोहम्मद इमरान(50), सायरा(25) छोटे(50) घायल हो गए। इस घटना से गांव में चीख पुकार मच गई। पूरे गांव में जाग हो गए। ग्रामीण हाथों में डंडे और अन्य हथियार लेकर अपने घरों से बाहर निकल आए और उन्होंने तेंदुए को जंगल की ओर दौड़ा लिया। इसके बाद पुलिस, वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी।
पुलिस मौके पर पहुंच गई और एंबुलेंस के जरिये घायलों को डिलारी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर घायलों को जिला अस्पताल भिजवा दिया गया है। इस घटना के बाद से मूलावाहन गांव के अलावा आस पड़ोस के गांव के लोग भी दहशत में हैं। वन विभाग की टीम गांव में पहुंच गई और तेंदुए की तलाश शुरू कर दी गई है। डिलारी थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि घायलों को जिला अस्पताल भिजवा दिया गया है। वन विभाग की टीम को भी बुला लिया गया है।
ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को दी थी सूचना, नहीं दिखाई गंभीरता
ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी जंगल में तेेंदुआ देखा गया था। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी। कई बार सूचना देने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी और एक दिन पिंजरा लगाया गया। इसके बाद टीम पिंजरा लेकर वापस लौट गई थी। तेंदुए लगातार क्षेत्र में ही घूम रहा था।
उपचार में लापरवाही का आरोप
जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए घायलों का परिवारों का आरोप है कि देर रात ही घायलों को भर्ती करा दिया गया था, लेकिन अस्पताल में घायलों के उपचार में लापरवाही बरती जा रही है। कई घायलों का खून अब भी बह रहा है।