फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुरादाबाद: ट्रेनी डीएसपी को साइबर ठगों ने लगाई लाखों की चपत, गूगल से कस्टमर केयर का नंबर लेना पड़ा भारी

Thu, 28 Sep 2023 12:57 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

ट्रेनी डीएसपी ऐश्वर्या उपाध्याय का एक कोरियर आना था लेकिन वह समय पर नहीं पहुंचा। इसके बाद उन्होंने गूगल से कोरियर कंपनी का नंबर सर्च किया। कस्टमर केयर से बताया गया कि पूरा पता नहीं होने के डिलीवरी होल्ड कर दी गई है। उन्हें एक लिंक भेजकर जानकारी देने को कहा। इसके बाद उनके खाते से पैसे गायब हो गए।
विज्ञापन
ट्रेनी डीएसपी से साइबर क्राइम - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

समय पर कोरियर की डिलीवरी नहीं होने पर ट्रेनी डीएसपी ने गूगल से नंबर सर्च कर कंपनी को फोन किया तो उनके खाते से करीब दो लाख रुपये किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गए। उन्हें मोबाइल पर मैसेज आने पर साइबर ठगी की जानकारी हुई। उन्होंने सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज कराया है।

विज्ञापन


साइबर ठगी का शिकार हुईं ट्रेनी डीएसपी ऐश्वर्या उपाध्याय डॉ. बीआर आंबेडकर पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराए केस में बताया कि  18 सितंबर को उनका एक कोरियर प्रोफेशनल कोरियर सर्विस से आना था लेकिन समय पर कोरियर नहीं पहुंचा।


इसके बाद उन्होंने गूगल से कोरियर कंपनी का नंबर सर्च किया। तब कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने ऐश्वर्या उपाध्याय को बताया कि पूरा पता नहीं होने के कारण कोरियर डिलीवरी होल्ड कर दी गई है। इसी दौरान आरोपी एक ईमेल आईडी से एक टेक्सट मैसेज भेजकर कुछ लिंक भेजे।

इसके बाद मोबाइल पर लिंक को काॅपी कर भेजने के लिए कहा। जिसमें ऐश्वर्या ने मैसेज को फारवर्ड किया। साथ ही एक मोबाइल नंबर से भी कुछ लिंक टेक्स्ट मैसेज पर प्राप्त हुए। जिसमें लिंक के माध्यम से 2 रुपये को यूपीआई के जरिए ट्रांसफर करा लिए।
विज्ञापन


डिप्टी एसपी ने बताया कि इसके बाद उनके खाते से दो बार में 96,355 रुपये और एक बार में 3500 रुपये के अलावा दूसरे बैंक खाता से 95,328 रुपये किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर लिए। उनके मोबाइल पर मैसेज आया तो उन्हें साइबर ठगी की जानकारी हो सकती।

सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। साइबर सेल की मदद से आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। साइबर सेल बैंक और कंपनियों से संपर्क कर रकम वापस कराने का प्रयास कर रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें