नवजात का सौदा कराने वाली महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य इसमें वादी बनेंगे। यह बात अमर उजाला में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेकर मामले की जांच करने अगवानपुर पहुंचे बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अमित कौशल ने कहीं।
स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल का कहना है कि कथित आशा वर्कर स्वास्थ्य विभाग में तैनात नहीं है। इसलिए पुलिस कार्रवाई करे, हम नहीं कर सकते। जबकि कटघर क्षेत्र की आशा की जिम्मेदारी तय नहीं की गई कि उन्हें मामले का क्यों पता नहीं चला।
विभागीय जानकारों का कहना है कि बच्चे का सौदा कराने वाला महिला अस्पतालों में दलाली करती है। इसके बावजूद विभाग सघन जांच के स्थान पर अपना बचाव करने में लगा है। बाल कल्याण समिति का कहना है कि मामले में दो और महिलाओं की भूमिका संदिग्ध है, जिसकी जांच की जा रही है।
बच्चे की खरीद फरोख्त की खबर पर संज्ञान लेकर समिति ने कार्य शुरू कर दिया है। हम दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रहे हैं। बच्चे का सौदा कराने वाली महिला पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। मामले में एएचटीयू का सहयोग लिया जा रहा है। - अमित कौशल, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति