ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए शासन ने रोड और बूढ़ी रामगंगा पुल के लिए आठ करोड़ 74 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इसमें से चार करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी कर दी गई है। पुल की लंबाई 58.12 मीटर होगी।
आजादी के 76 साल बाद दरियापुर गांव को जोड़ने के लिए पक्की सड़क और बूढ़ी रामगंगा पर पुल बनेगा। शासन ने कार्य के लिए लोनिवि को चार करोड़ 37 लाख रुपये की पहली किश्त जारी कर दी है। लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने शीघ्र ही कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
तहसील क्षेत्र के गांव दरियापुर को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लोक निर्माण विभाग ने जून 23 में शासन को करीब नौ करोड़ दस लाख रुपये का प्रस्ताव शासन भेजा था। इस मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की पैरवी के लिए रोड और पुल के लिए वित्त समिति ने मंजूरी दी।
इसके बाद रोड इस प्रस्ताव की फाइल नाबार्ड में अटक गई थी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने फिर इस मामले में लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद के अलावा शासन के अधिकारियों से दीपावली के समय बात की थी। चार दिन पहले रोड और पुल के लिए शासन से मंजूरी दी।
शासन ने रोड और बूढ़ी रामगंगा पुल के लिए आठ करोड़ 74 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इसमें से चार करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी कर दी गई है। पुल की लंबाई 58.12 मीटर होगी।
इस बारे में लोनिवि के अधिशासी अभियंता नवेद खां का कहना है कि उनको रोड और पुल निर्माण के लिए शासन से शासनादेश मिल गया है। सहायक अभियंता अरविंद अग्रवाल का कहना है कि अभी टेंडर और अन्य प्रक्रियाओं में करीब डेढ़ माह लगेंगे।
कांठ तहसील से पायंदापुर होते हुए दरियापुर के लिए रास्ता जाता है। इस मार्ग की लंबाई 15 किमी है, लेकिन रास्ते में घना जंगल पड़ता है। दूसरा मार्ग कांठ तहसील से गेंडाजूड, भगवानपुर रैनी होते हुए 25 किलोमीटर दूर दरियापुर गांव जाता है। इस मार्ग के लिए दो बार नौ करोड़ 61 लाख और नौ करोड़ दस लाख का एस्टीमेट भेजा गया था।