मुरादाबाद। शहरवासी कड़ाके की ठंड और वायु प्रदूषण की दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। ई-कचरा और अवैध पीतल भट्ठियों से निकलने वाले जहरीले धुएं से सोमवार सुबह दस बजे मुरादाबाद का वायु प्रदूषण 64 वायु गुणवत्ता सूचकांक की छलांग के साथ 480 दर्ज किया गया। इसमें भारी कणों का न्यूनतम स्तर तक लाल जोन में पहुंच गया। अन्य शहर प्रदूषण की स्थिति में इसके आस-पास भी नहीं थे। दूसरे स्थान पर रहे कानपुर का वायु प्रदूषण 420 दर्ज किया गया। दिनभर मुरादाबाद की हवा गंभीर श्रेणी में रही। विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण की यह स्थिति स्वस्थ व्यक्ति को भी बीमार कर सकती है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सोमवार सुबह दस बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार मुरादाबाद का एक्यूआई 480 था, जिसमें पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर पांच सौ, न्यूनतम 429 और औसत 480, पीएम 10 का अधिकतम स्तर पांच सौ, न्यूनतम 396 और औसत 458 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का अधिकतम स्तर 143, न्यूनतम 29 और औसत 81 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
24 घंटे के बजाय एक घंटे में ही मानक से आठ गुना अधिक प्रदूषण
सोमवार को प्रदूषण बहुत ही गंभीर श्रेणी में था। सुबह 11 बजे, दोपहर 12 से एक बजे तक मुरादाबाद का वायु प्रदूषण 482 और दोपहर दो बजे और तीन बजे 483 एक्यूआई दर्ज किया गया। 24 घंटे में पीएम 2.5 का अधिकतम मानक 60 एक्यूआई है, लेकिन प्रति घंटे बदलते प्रदूषण के स्तर में पीएम 2.5 मानक से आठ गुना अधिक, पीएम 10 पांच गुना अधिक और नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड मानक से तीन गुना अधिक थी।
सांस के अलावा हो सकती हैं गंभीर बीमारियां
नेशनल एयर मॉनीटरिंग प्रोग्राम की समन्वयक डॉ. अनामिका त्रिपाठी के अनुसार अवैध पीतल भट्ठियों के संचालन के अलावा पुलिस ने 26 बोरे ई-कचरे के भी पकड़े हैं। शहर में अभी भी ई-कचरा जल रहा है। पीतल भट्ठियों के धुएं से कार्बन मोनो ऑक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड, कार्बन डाई ऑक्साइड से पीएम 20 और 2.5 का स्तर बढ़ता है। व्यक्तियों को सांस के अलावा कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं।
ठंड से बचने को जला रहे टायर
कड़ाके की ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं, लेकिन बहुत से लोग लकड़ी न मिलने पर टायरों में ही आग लगा देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार टायर और प्लास्टिक के जलाने से कार्बन मोनो आक्साइड के अलावा टॉक्सिक रसायन सहित कार्बन कण, बैंजीन, पारा व अन्य हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है। जो पर्यावरण के नुकसान के अलावा इसका धुआं फेफड़ों में जाकर गंभीर बीमारियां भी उत्पन्न कर सकता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सुबह दस बजे जारी किए गए प्रदूषण के आंकड़े
शहर एक्यूआई
मुरादाबाद 480
कानपुर 420
यमुनानगर 415
लखनऊ 406
वाराणसी 396
बुलंदशहर 384
गाजियाबाद 374
नोएडा 358
पटना 355
ग्रेटर नोएडा 352
मेरठ 352
गत एक सप्ताह का मुरादाबाद का एक्यूआई -
रात दस बजे -
20 दिसंबर - 422
19 दिसंबर - 394
18 दिसंबर - 310
17 दिसंबर - 264
16 दिसंबर - 290
15 दिसंबर - 226
14 दिसंबर - 208