फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत द्वारा देश की आजादी को भीख में मिलने का बयान देने के मामले को लेकर मुरादाबाद के अधिवक्ता भी खफा हैं। शुक्रवार को अधिवक्ता ने एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। जिसमें बताया गया कि अभिनेत्री के इस बयान ने आजादी के लिए शहीद होने वाले महापुरुषों का अपमान किया है।
शुक्रवार को दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के संयुक्त सचिव त्रिलोक चंद्र दिवाकर के नेतृत्व में अधिवक्ता एसएसपी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने एक प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें उन्होंने बताया कि फिल्म अभिनेत्री कंगना द्वारा दिए गए बयान से आजादी के लिए शहीद होने वाले महापुरुषों का अपमान किया है। उनका कहना है कि कंगना 1947 में हमें जो आजादी मिली है, वह भीख में मिली है। असली आजादी वर्ष 2014 के बाद मिली है, जब केंद्र में भाजपा की सरकार बनी है।
अधिवक्ताओं का कहना था कि उनके इस बयान ने देश के लिए शहीद होने वाले महापुरुषों का अपमान किया है। जब हमारा देश 200 वर्षो तक अंग्रेजों का गुलाम था, तब भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोष, चंद्रशेखर आजाद और मंगलपांडे जैसे तमाम शूरमाओं ने अंग्रेजों की हुकूमत की जड़ों को हिला दिया था। आजादी की इस जंग में वह शहीद हो गए थे। एसएसपी बबलू कुमार ने मामले की जांच कराकर केस दर्ज कराने का आश्वासन दिया है।