वीडियो को देखने के बाद परिवहन विभाग के बाहर एजेंट का काम करने वालों में खलबली मच गई है। परिवहन विभाग के आरआई हरिओम ने सफाई दी कि वह युवक सरकारी कर्मचारी नहीं है।
मुरादाबाद में कभी डीएल बनवाने की दलाली के आरोप में ड्राइविंग ट्रेनिंग इंटीट्यूट से हटाया गया युवक अब कार चालकों का टेस्ट ले रहा है। इसी प्रकार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से कर्मचारी परेशान हो गए हैं। ड्राइविंग ट्रेनिंग इंटीट्यूट मोरा का मिलक स्थित एक कंपनी में कार्यरत कांशीराम कॉलोनी के युवक को आरआई ने डीएल बनवाने की दलाली के आरोप में बाहर निकलवाया था।
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उसने आरआई के खिलाफ 2022 में परिवहन आयुक्त को पत्र भेजकर गंभीर आरोप लगाए थे। यह मामला आरटीओ (प्रशासन) तक पहुंचा था। जांच के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष शिकायतकर्ता नहीं पहुंचा। अंत में शिकायत खारिज कर दी गई और जांच बंद हो गई।
उसी शिकायतकर्ता की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर शनिवार को वायरल हुई है। इसमें शिकायत कर्ता ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में ड्राइविंग को चेक करते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो को देखने के बाद परिवहन विभाग के बाहर एजेंट का काम करने वालों में खलबली मच गई है।
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इस बारे में पूछने पर परिवहन विभाग के आरआई हरिओम ने सफाई दी कि वह युवक सरकारी कर्मचारी नहीं है। वह एक प्राइवेट चिप कंपनी में काम करता है। डीएल की सारी व्यवस्था ऑनलाइन है। इसमें कोई गड़बड़ी नहीं कर सकता है। एक बार कंपनी से हटाया गया युवक किन शर्तों पर वापस लौटा है। इस बारे में बताने के लिए कोई कर्मचारी भी तैयार नहीं है।