गांव ताहरपुर दोयम में भाइयों के पास खेत पर जा रही अना फातिमा (6) पर खूंखार कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। चीख सुनकर आसपास के खेतों में धान की रोपाई कर रहे किसानों ने बच्ची को बचाया। परिजन लहूलुहान हालत में बच्ची को लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
तबीयत में सुधार न होने पर बच्ची को मेरठ रेफर कर दिया गया। मैनाठेर क्षेत्र के गांव ताहरपुर दोयम निवासी भूसी कारोबारी दानिश अली की बेटी अना फातिमा गांव के ही एक स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ती है।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे दानिश अली के बेटे शाकिब और शाहिद खेत से पशुओं के लिए चारा लेने गए थे। अना फातिमा भी भाइयों के पीछे खेत पर जा रही थी। फातिमा गांव से कुछ ही दूर चकरोड पर पहुंची थी कि खूंखार कुत्तों के झुंड ने बच्ची पर हमला कर दिया।
कुत्ते बच्ची के पैर को मुंह में दबाकर खींचने लगे। बच्ची के सिर और गर्दन पर भी हमला कर दिया। बच्ची की चीख सुनकर किसान रियाजुल हसन और अन्य लोग मौके पर पहुंचे और कुत्तों को भगाया। तब तक बच्ची लहूलुहान हो चुकी थी।
परिजन उसे सीएचसी लेकर पहुंचे। वहां एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाने के बाद बच्ची को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। तबीयत में सुधार न होने पर वहां से बच्ची को मेरठ रेफर किया गया है। अभी भी बच्ची की हालत गंभीर है।
उसके सिर से लेकर पैर तक कई जगह जख्म हैं। बच्ची के पिता दानिश अली काराेबार के सिलसिले में छत्तीसगढ़ गए हुए हैं। अना फातिमा पर पांच भाई-बहनाें में सबसे छोटी है।