इसी रात करीब एक बजे होशियार सिंह भी अपने आंगन में सो रहे थे। तभी बंदर ने उन पर हमला कर काट लिया। उनकी चीख सुनकर घर के बच्चे और महिलाएं सहम गए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे 81 वर्षीय करण सिंह अपने घर की बैठक में खाना खा रहे थे।
तभी पीछे से आए बंदर ने उनकी कोहनी के ऊपर काटकर गहरा जख्म कर दिया। खून बहने लगा तो परिजन उन्हें तुरंत कॉसमॉस अस्पताल ले गए, जहां उनका उपचार चल रहा है। लगातार हमलों से गांव में भय का माहौल है। महिलाएं बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहीं, जबकि बुजुर्ग छत और आंगन में जाने से भी डर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग और प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया का कहना है कि बंदरों की समस्या के निस्तारण के लिए जिले में टास्क फोर्स बनाई जा रही है।
मैं आंगन में सो रहा था। अचानक बंदर मेरे सीने पर बैठ गया। पहले आवाज ही नहीं निकल रही थी, फिर उसने गले और हाथों पर काट लिया। परिवार वाले नहीं आते तो जान भी जा सकती थी। - आबिद, मोरा की मिलक
मैं बैठकर में खाना खा रहा था। अचानक पीछे से बंदर ने हमला कर दिया। पूरा कमरा खून से भर गया। अब प्रशासन को सिर्फ आश्वासन नहीं, कार्रवाई करनी होगी। — करण सिंह, मोरा मुस्तकम