चंदौसी। पंजाब नेशनल बैंक की पुरानी पैठ शाखा से दस लाख रुपये गायब होने के मामले में बैंक प्रबंधन ने हेड कैशियर सुनील शुक्ला को निलंबित कर दिया है। वहीं निलंबित हेड कैशियर ने खुद को बेकसूर बताते हुए उच्चाधिकारियों पर शाखा प्रबंधक और दूसरे स्टाफ को बचाने का आरोप लगाया है।
शुक्रवार को पुरानी पैठ स्थित पीएनबी शाखा से दस लाख रुपये गायब हो गए थे। बैंक में मौजूद सात सीसीटीवी कैमरों में से छह खराब थे। एक कैमरे की रिकॉर्डिंग में एक किशोर थैले के साथ जाता बाहर दिखाई दिया था। इस क्लिप से पुलिस या जांच टीम कोई निर्णय नहीं ले सकी है। किशोर की पहचान भी अब तक नहीं हुई है।
बाद में शाखा प्रबंधक की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने गबन का मुकदमा दर्ज किया था। किसी को नामजद नहीं किया था। शनिवार को पंजाब नेशनल बैंक के सर्किल आफिस बदायूं से जांच टीम आई थी। उस दिन शाखा में मौजूद रहे स्टाफ से टीम ने पूछताछ की और रिकॉर्ड भी देखा था।
अब बैंक के उच्च प्रबंधन की ओर से हेड कैशियर सुनील शुक्ला को निलंबित करने का फैसला लिया गया है। साथ ही विभागीय जांच शुरू कर की गई है।
उधर हेड कैशियर सुनील शुक्ला का कहना है कि कैश काउंटर नंबर चार से गायब हुआ था। काउंटर नंबर चार का स्टाफ अपनी सीट पर नहीं था, जबकि वह अपने केबिन में बैथे थे। दूसरे के केबिन की उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती। उन्होंने शाखा प्रबंधक और दूसरे स्टाफ को बचाने का आरोप लगाया है। यह भी कहा है कि नियम विरुद्ध तरीके से बैंक में प्राइवेट व्यक्ति से काम लिया जा रहा है। सीसीवीटी फुटेज में प्राइवेट व्यक्ति काम करते दिखाई दे जाएंगे।
हेड कैशियर सुनील कुमार शुक्ला को निलंबित किया गया है। इस मामले की विभागीय जांच चल रही है।
राकेश कुमार शर्मा, सर्किल हेड पीएनबी, बदायूं
लंच खत्म होने पर भी काउंटर से गायब था पूरा स्टाफ
चंदौसी। दस लाख रुपये गायब होने के बाद से पीएनबी की पुरानी पैठ शाखा में छानबीन जारी है। पुलिस के अलावा बैंक के स्तर से भी आंतरिक व्यवस्थाएं देखी जा रही हैं। इस बीच पता चला है कि वारदात वाले समय संबंधित काउंटर पर कोई नहीं बैठा था। आसपास की सीटें भी खाली थीं। बैंक शाखा में अधिकारिक रूप से दोपहर दो बजे से 2.30 बजे तक लंच का समय होता है। सीसीटीवी कैमरे में घटना करीब 2.52 बजे की दर्ज है। उस समय शाखा में ज्यादातर लोगों की नामौजूदगी के पीछे कोई ठोस कारण नहीं बताया गया है।
कहा जा रहा है कि वारदात के समय एक काउंटर के अलावा अन्य सभी काउंटर खाली पड़े थे। जिस काउंटर से दस लाख रुपये गायब हुए हैं, उसका केबिन खुला हुआ था। ताला भी नहीं लगा था, जबकि बैंककर्मी अपने केबिन में बैठते ही सबसे पहले भीतर से कुंडी बंद करते हैं। बाहर जाते ही केबिन में ताला लगाकर जाते हैं। बैंक स्टाफ इतनी बड़ी लापरवाही कैसे कर सकता है। यह पुलिस के लिए जांच का विषय है।