मुरादाबाद। लगातार पारा चढ़ने से पशुओं में पच्चीस फीसदी दुग्ध उत्पादन कम हो गया है। मई की दुग्ध संघ की रिपोर्ट के मुताबिक 15 अप्रैल तक जिले में 12 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा था जो अब घटकर 9 लाख लीटर रह गया है। डेयरियों के कई बड़े सेंटर जहां पर हर रोज 400 लीटर तक दूध खरीदा जाता था वहां 200 लीटर तक मुश्किल से पहुंच पा रहा है। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के मुताबिक गर्मियों में पशु भी हीट वेव का शिकार हो रहे हैं। बीमार हो जाने से दूध कम हो जाता है।
दुग्ध संघ मुरादाबाद के महाप्रबंधक पंकज सिंह बताते हैं कि मुरादाबाद जिले में दूध का कुल उत्पादन 12 लाख लीटर है लेकिन यह उत्पादन फ्री सीजन यानी दिसंबर, जनवरी, फरवरी और मार्च में होता है। गर्मियों में यानी अप्रैल, मई, जून व जुलाई में दूध का उत्पादन करीब 20 से 30 फीसदी तक गिर जाता है। दूध बिक्री का जो गणित है उसके मुताबिक 60 फीसदी दूध पशु पालक डेयरी पर बेच देते हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.सुनील दत्त प्रजापति के अनुसार मुरादाबाद जिले में औसतन पांच लीटर प्रति पशु प्रति दिन दूध का उत्पादन है। पिछले पांच सालों में एक लाख पशु घटे हैं। मौजूदा समय में जिले में पशुओं की संख्या करीब चार लाख है, जिसमें करीब 2.50 लाख पशु दुधारू हैं, शेष 1.50 लाख पशु नर या बूढ़े व बच्चे हैं।
यूपी देश का सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन वाला राज्य
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) करनाल के पशु शरीर क्रिया विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ.अजय कुमार डांग ने बताया कि देश का कुल दुग्ध उत्पादन 2393 लाख टन है, इसमें उत्तर प्रदेश का दुग्ध उत्पादन करीब 388 लाख टन यानी कुल राष्ट्रीय दुग्ध उत्पादन का 16 से 17 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि जब भी तेज गर्मी होती है, तो पशु खाना कम कर देता है, जिसका सीधा असर दुग्ध उत्पादन पर पड़ रहा है।
पशुपालक ध्यान दें
दूध में 80 प्रतिशत पानी ही होता है, इसलिए पशुओं के पास चौबीस घंटे स्वच्छ पानी की उपलब्धता रहनी चाहिए, ताकि वह जब चाहे, तब पानी पी सके। पशुओं को सुबह और शाम यानी ठंडे समय में चारा अवश्य देना चाहिए। संभव हो तो पशु को पेड़ के नीचे बांधे, क्योंकि पेड़ के नीचे तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक कम होता है। भैंस को तालाब में नहलवाएं। बारिश के दौरान जब हवा में आद्रता हो तो पशु को पंखे के नीचे रखना अच्छा रहता है। पशुपालकों को देशी नस्लों के पालन पर अधिक ध्यान देना चाहिए, ताकि वह हमारे वातावरण के अनुकूल हैं।
मुरादाबाद जिले में पशुओं की कुल संख्या - 4 लाख
दुधारू पशुओं (गाय-भैंस) की संख्या - 2.50 लाख
जिले में दूध का कुल उत्पादन - 12 लाख लीटर
गर्मियों में दुग्ध उत्पादन - 9 से 10 लाख लीटर
- मुरादाबाद जिले की कुल आबादी - लगभग 37 लाख
- दुग्ध की प्रति व्यक्ति प्रति दिन उपलब्धता - 460 मिली
- गर्मियों में प्रति व्यक्ति, प्रति दिन उपलब्धता - 277 से 333 मिगी
दूध के दाम बढ़े
- गर्मियों के मौसम में दूध की कीमतों में वृद्धि कर दी गई है। अमूल और मदर डेयरी जैसी प्रमुख कंपनियों ने 14 मई से पूरे देश में दूध की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी है। ग्रामीण अंचलों में भी दूध 60 रुपये लीटर तक पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश और एनसीआर में फुल क्रीम दूध 72 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। गाय का दूध 62 प्रति लीटर बिकने लगा है। इसके पीछे दुग्ध उत्पादन का घटना तो मुख्य कारण है ही, साथ ही चारे की महंगाई, पैकिंग सामग्री और परिवहन की लागत बढ़ना भी कारण बताया जा रहा है।