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Moradabad News: मिड टर्म परीक्षाओं की रूपरेखा तय नहीं, असमंजस में विद्यार्थी

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मुरादाबाद। कॉलेजाें में विषम सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म जमा होने के साथ ही माहौल परीक्षाओं का बनने लगा है। लेकिन अभी तक कॉलेजाें में मिड टर्म परीक्षाओं की रूपरेखा तय नहीं हो सकी है। इसको लेकर विद्यार्थी असमंजस में हैं। प्राचार्यों का कहना है कि जून माह में शासन ने मिड टर्म के स्थान पर आंतरिक मूल्यांकन के निर्देश दिए थे। लेकिन इस कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालयों से कोई आदेश नहीं मिले हैं।एनईपी में सेमेस्टर परीक्षाओं के साथ मिड टर्म परीक्षाओं का भी आयोजन किया जाता रहा है। इन परीक्षाओं के अंक विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपलोड किए जाते हैं और अंकतालिकाओं में उन अंकों को दर्ज किया जाता है। इस बार स्नातक और परास्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय को करवानी हैं और अन्य सेमेस्टर की परीक्षाएं एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय को करवानी हैं। विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं के लिए एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने फॉर्म जारी कर दिए हैं। सात नवंबर तक कॉलेजों में फॉर्म जमा होने हैं। इसके बाद विवि की योजना 20 नवंबर से विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं करवाने का है। विद्यार्थियों का कहना है कि अभी तक विश्वविद्यालय या कॉलेजों की ओर से मिड टर्म परीक्षाओं की जानकारी नहीं दी गई है। इसकी वजह से असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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यह आया था आदेश
जून में शासन की ओर से आदेश जारी किया गया था कि एनईपी 2020 के अनुसार विद्यार्थियों का सतत मूल्यांकन कराया जाना है। इसे शिक्षक शिक्षण कार्य के साथ पूर्ण करेंगे। विश्वविद्यालय सतत आंतरिक मूल्यांकन के लिए किसी भी प्रकार की मिड टर्म परीक्षाओं का आयोजन नहीं करेंगे। सतत आंतरिक मूल्यांकन के लिए शिक्षक मूल्यांकन के लिए परीक्षाओं के स्थान पर 2021 में दिए गए शासनादेश के आधार पर विद्यार्थियों का सर्वांगीण मूल्यांकन करेंगे। कोरोना जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सतत आंतरिक मूल्यांकन के अंकों का प्रयोग किया जा सकता है। सतत आंतरिक मूल्यांकन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा नियंत्रक नीति निर्धारित करेंगे।

वर्जन...
मिड टर्म परीक्षा सेमेस्टर परीक्षा वाले दिन ही आयोजित की जाती है। इससे विद्यार्थियों को तैयारी कर समय नहीं मिलता है। इस बार परीक्षाएं होंगी या नहीं, कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। - खुशी सैनी, छात्रा, लाइनपार
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समेस्टर परीक्षाओं से कुछ दिन पहले मिड टर्म परीक्षाएं होंगी तो विद्यार्थियों को ज्यादा याद रहेगा और मुख्य परीक्षाओं की पढ़ाई अच्छी हो जाएगी। मेरी आठ सहेलियों की बैक आई है। मुझे लगता है कि बड़ी संख्या में बैक लगने का कारण भी मिट टर्म परीक्षाओं का पहले आयोजित नहीं होना हो सकता है। - राधा कश्यप, छात्रा, विकास नगर
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शासनादेश के हिसाब से तो मिड टर्म परीक्षा करवाने की आवश्यकता नहीं हैं। ऐसे में आंतरिक मूल्यांकन के लिए दोनों विश्वविद्यालयों से दिशा निर्देश मिलने चाहिए। क्योंकि आंतरिक मूल्यांकन भी कई बिंदुओं पर हो सकता है। ऐसे में विवि के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। जैसे निर्देश आएंगे, उसी के हिसाब से मूल्यांकन करवाएंगे। - प्रो. सुनील चौधरी, प्राचार्य, केजीके कॉलेज

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एनईपी के हिसाब से मिड टर्म परीक्षा करवाना जरूरी नहीं है। यह परीक्षाएं कॉलेज करवाएं न करवाएं, यह उनका फैसला है। सिर्फ उन्हें सतत आतंरिक मूल्यांकन करवाना है। किस तरह से करवाएंगे, वह उसका फैसला स्वयं करेंगे। - प्रो. सचिन माहेश्वरी, कुलपति, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय
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