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Moradabad News: ताला बंद हर्बल पार्क पर 6.50 लाख और खर्च करने को तैयार एमडीए

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मुरादाबाद। एमडीए का हर्बल पार्क और अंबेडकर पार्क दोनों ही पिछले 46 दिनों से जनसामान्य के लिए बंद हैं। यह दोनों पार्क कब शुरू हो पाएंगे, एमडीए के पास इसका कोई सटीक जवाब नहीं है। वहीं, दूसरी ओर एमडीए अब हर्बल पार्क पर 6.50 करोड़ रुपये और खर्च करने जा रहा है। इसके साथ साथ ईको हर्बल पार्क के पीछे तक गांगन नदी के किनारे बने तटबंध मार्ग पर 98 लाख रुपये से प्रकाश व्यवस्था करने की भी तैयारी है। यह प्रस्ताव भी पिछले दिनों बोर्ड की बैठक में पारित किए जा चुके हैं। वहीं, दूसरी ओर यहां हर रोज सैकड़ो लोग आते हैं, जो गेट पर ताला देखकर निराश लौट जाते हैं।
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एमडीए ने नव वर्ष के पहले ही दिन एक जनवरी को बकाया धनराशि का भुगतान तय समय पर नहीं करने के कारण दोनों पार्कों के ठेकेदारों का ठेका निरस्त कर दिया था। हर्बल पार्क को तो उसी दिन बंद कर दिया, जबकि अंबेडकर पार्क एक महीने बाद बंद किया। शहर के दोेनों पार्क, जहां लोग अपना समय व्यतीत करने जाते थे, बच्चों को घुमाने ले जाते थे, अब सभी बंद है। पहले तो एमडीए के उपाध्यक्ष ने इसका नया टेंडर करने की बात कही थी लेकिन अब एमडीए ने हर्बल पार्क की दशा सुधारने व अतिरिक्त सुविधाएं देने के लिए 6.50 करोड़ रुपये का बजट पारित किया है। यह कार्य भी टेंडरिंग प्रक्रिया से ही होंगे, स्वाभाविक है कि अभी इसमें लंबा समय लग सकता है।

- अभी इसे सुदृढ़ कराया जाएगा, बोर्ड की बैठक में इसके प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इसके बाद ही टेंडरिंग प्रक्रिया होगी, फिर जन सामान्य के लिए खोला जाएगा।
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पंकज वर्मा, सचिव एमडीए।

पार्क में हर्बल जैसा कुछ भी नहीं
- नया मुरादाबाद में स्थित हर्बल पार्क का सिर्फ नाम ही हर्बल रह गया है। पार्क को विकसित करते समय इसमें औषधीय पौधे लगाए गए थे, पौधों के साथ ही उसका नाम, उसके औषधीय गुण भी लिखे गए थे, जो सालों पहले ही नदारद हो चुके हैं। अब यहां किनारे की ओर जंगल जैसा लुक है, बीच में फूलों के पौधे लगे हैं, हरियाली तो है लेकिन हर्बल जैसा कुछ नहीं दिखता है।

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सैंदरी गांव से आया हूं, सोचा था कि हर्बल पार्क में घूमकर कुछ समय व्यतीत करूंगा लेकिन यहां तो गेट ही बंद है, इसमें प्रवेश ही नहीं मिल पाया है, अब वापस जा रहा हूं।
- अभिषेक, सैंदरी

- अपने दोस्तों के साथ संभल क्षेत्र से आया हूं, काफी दिनों से यहां आना नहीं हुआ, समय मिला तो घूमने चला गया लेकिन यहां गेट पर ताला देखकर निराशा हुई।
-निखिल


- जब भी समय मिलता है तो हर्बल पार्क घूमने आता हूं, लेकिन आज यहां आया तो पता चला कि कई दिनों से पार्क में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। कई लोग गेट पर ताला देखकर निराश लौट रहे हैं।

-उस्मान अंसारी, शनिवार का बाजार पाकबड़ा


- यहां मैं एक घंटे से हूं, तब से सैकड़ों लोग यहां से वापस लौट चुके हैं, पहले पार्क के सामने कई दुकानें लगा करती थी लेकिन अब वह भी बंद हो चुकी है, एमडीए को इसका शीघ्र निस्तारण करना चाहिए।
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नोमान अली, संभल
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