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Moradabad News: जाम से कराह रहे बाजार...गुरहट्टी से मंडी चौक तक सबसे बुरा हाल

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मुरादाबाद। पुराने शहर का दिल कहे जाने वाले बाजार इन दिनों जाम की गिरफ्त में कराह रहे हैं। गुरहट्टी से मंडी चौक तक का छोटा सा रास्ता अब लोगों के लिए बड़ी परीक्षा बन गया है। हालात ऐसे हैं कि महज एक से दो किमी की दूरी तय करने में करीब एक घंटा लग रहा है। मंगलवार को साप्ताहिक बंदी के बीच लगे मंगल बाजार ने समस्या को और विकराल बना दिया।
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नगर निगम के पार्किंग दावों की पोल सड़कों पर खुलती दिख रही है। अव्यवस्थित पार्किंग, सड़कों पर फैले फड़ और बेतहाशा दौड़ते ई-रिक्शा जाम के सबसे बड़े कारण बन गए हैं। हालात संभालने के लिए पुलिस, नगर निगम और व्यापार मंडल की टीमें सड़कों पर उतरीं लेकिन कार्रवाई बेअसर रही। जैसे ही टीम आगे बढ़ी, पीछे फिर से फड़ सज गए और जाम जस का तस बना रहा। व्यापारियों का कहना है कि शहर में ई-रिक्शा की संख्या नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। तय रूट होने के बावजूद इनकी आवाजाही पर कोई अंकुश नहीं है। इससे बाजारों में अराजक स्थिति बन रही है। जाम के कारण न केवल आम लोग परेशान हैं, बल्कि कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। संयुक्त व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि कई बार प्रशासन को स्थायी पार्किंग और वैकल्पिक व्यवस्था के सुझाव दिए गए लेकिन असर नहीं दिखा। अब मांग उठ रही है कि सड़कों पर फड़ लगाने वालों के लिए अलग स्थान तय किया जाए और अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाए। समस्या अब अस्थायी उपायों से नहीं सुलझने वाली। महापौर विनोद अग्रवाल का कहना है कि बाजार में अवैध दुकानों और अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। व्यापारियों के साथ बैठक कर और समाधान निकालेंगे।


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व्यापारियों का दर्द (फोटो)
हर दिन जाम से हालात बदतर होते जा रहे हैं। ग्राहक दुकान तक पहुंच ही नहीं पाते। इन रास्तों पर ई-रिक्शा वन वे होने चाहिए। जब तक सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक यही स्थिति बनी रहेगी और व्यापार लगातार प्रभावित होता रहेगा।
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- विपिन गुप्ता, प्रदेश महामंत्री, संयुक्त व्यापार मंडल


ई-रिक्शा सबसे बड़ी समस्या बन चुके हैं। बिना किसी नियंत्रण के बाजार में घुस आते हैं। कई बार शिकायत की लेकिन कोई खास असर नहीं हुआ। फड़, ठेले आदि के लिए कोई स्थायी व्यवस्था निगम को करनी चाहिए।
- विजय मदान, मंडल अध्यक्ष, व्यापारी सुरक्षा फोरम


फड़ लगाने वालों को कोई जगह मिलनी चाहिए। अधिकारी अवैध बाजार हटाने जाते हैं और उनके लौटते ही सब पहले जैसा हो जाता है। जब तक इनके लिए अलग जगह तय नहीं होगी, तब तक जाम खत्म नहीं हो सकता है।

- अरविंद अग्रवाल, जॉनी


हमारा आधा समय जाम में ही निकल जाता है। माल लाने और भेजने में परेशानी हो रही है। इससे सीधा नुकसान हो रहा है। नगर निगम को लगातार अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाना चाहिए। पुराने मर्दाना या जनाना अस्पताल में फड़ वालों को जगह दी जा सकती है।
- सुनील अग्रवाल, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार मंडल


नगर निगम ने पार्किंग बनाई है लेकिन गाड़ियों की अधिकता होने के कारण यह पर्याप्त नहीं हैं। गाड़ियां सड़क पर खड़ी होती हैं और रास्ता बंद हो जाता है। इससे हालात और बिगड़ जाते हैं।
- अजय सहगल, व्यापारी


ग्राहक जाम से परेशान होकर बाजार आना कम कर रहे हैं। पार्किंग के लिए कुछ और स्थान चिह्नित किए जाएं जिससे जनता और व्यापारी दोनों को राहत मिले। गुरहट्टी से मंडी चौक तक पहुंचने में एक घंटा लग जाता है।
- शिवम गुप्ता, व्यापारी

हमने कई बार सुझाव दिए कि बाजार के बाहर पार्किंग बनाई जाए और अंदर वाहनों की एंट्री सीमित हो लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। अब समस्या हाथ से निकल रही है। निगम प्रशासन से उम्मीद है कि समाधान निकलेगा।
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- मनीष, व्यापारी
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