मुरादाबाद। पुलिस की नाकामी के कारण दो परिवार अपने बेटों के इंतजार में सुबक रहे हैं। छह साल पहले सिविल लाइंस क्षेत्र से अगवा किए गए छात्र कार्तिक का पुलिस कोई सुराग नहीं लग पाई है, जबकि एक माह पहले लाइन पार से अगवा किया गया शुभ अभी तक लापता है। कार्तिक के पिता का कहना है कि अगर पुलिस ने तेजी दिखाई होती तो उनका बेटा आज उनके पास होता।
सिविल लाइंस के हिमगिरी कालोनी में अनिल अग्रवाल का परिवार रहता है। अनिल ने बताया कि 22 सितंबर 2014 को उनका बेटा कार्तिक स्कूल जाने के लिए घर से निकला था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। कार्तिक ग्यारहवीं कक्षा में महाराजा अग्रसेन स्कूल में पढ़ता था। उसकी साइकिल रेलवे स्टेशन पर खड़ी मिली थी। इस मामले में पुलिस ने पहले दिन से ही लापरवाही बरती थी। जिस कारण कार्तिक का कुछ पता नहीं चल पाया। उन्होंने मुरादाबाद से लेकर लखनऊ तक चक्कर लगाए, लेकिन पुलिस ने कोई मदद नहीं की। लाइन पार निवासी सोनिया कपूर कंपनी पर फल बेचती हैं। उनका बारह साल का बेटा शुभ एक माह पहले अगवा कर लिया गया था। मझोला थाने में सोनिया ने दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था, लेकिन मझोला पुलिस ने आरोपियों को चुपके से जेल भेज दिया। लेकिन बच्चे को बरामद नहीं करा पाई।
अज्ञात किशोर के शव का कर दिया था अंतिम संस्कार
मुरादाबाद। कार्तिक के लापता होने के चार दिन बाद हापुड़ में एक किशोर का शव मिला था। परिजन हापुड़ जाकर मृतक की पहचान अपने बेटे कार्तिक के रूप में कर शव मुरादाबाद ले आए थे। उन्होंने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया था। अगले दिन एक महिला मुरादाबाद पहुंची थी, उसने उसे बेटे का शव होने का दावा किया था। इसके अलावा हापुड़ पुलिस ने भी दो आरोपियों को पकड़कर हत्याकांड का खुलासा किया था। उन्होंने महिला के बेटे की हत्या करने का गुनाह कबूल किया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों परिवार और चिता से हड्डियाें के सैंपल डीएनए के लिए भेजे थे, लेकिन डीएनए रिपोर्ट में किसी का भी सैंपल मैच नहीं हुआ था।