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दिल्ली की रोडवेज बस में ध्रुव को छोड़ भागा आरोपी, घर के बाहर से कल किया था अपहरण 

Sat, 08 Aug 2020 11:54 AM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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कोशांबी रोडवेज की पुलिस चौकी में ध्रुव - फोटो : अमर उजाला
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मुरादाबाद के मझौला थानाक्षेत्र से शुक्रवार दोपहर अपहरण किए गए 5 साल के मासूम ध्रुव को आज सुबह दिल्ली की रोडवेज बस में अपहरणकर्ता छोड़कर भाग गया है। आरोपी बच्चे की जेब में उसके पिता का मोबाइल नंबर और उसका पूरा पता रखने के बाद भागा। रोडवेज बस के चालक और परिचालक ने उस मोबाइल नंबर पर कॉल कर पिता को सूचना दी है। चालक ने बच्चे की उसके पिता से वीडियो कॉलिंग पर भी बात भी कराई।

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इसकी सूचना मिलने के साथ ही जहां परिवार ने राहत की सांस ली है। वहीं पुलिस और बच्चे के पिता गौरव कुमार दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। शुक्रवार को बच्चे को अगवा करने के बाद 30 लाख की फिरौती मांगी थी। तब से पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगी थीं। 

ऐसे मिला बच्चा
शनिवार को ग्रेटर नोएडा डिपो की बस कौशांबी से मुरादाबाद के लिए आ रही थी। कौशांबी बस स्टेशन पर जैसे ही चालक ने चलने के लिए बस स्टार्ट की तो यात्रियों ने बताया कि इसमें एक बच्चा बैठा हुआ है, जो रो रहा है और उसके साथ जो भी आए थे वह कुछ सामान लेने गए हैं।
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चालक और परिचालक द्वारा तलाश करने पर उसके साथ कोई नहीं मिला। बच्चे के हाथ में एक पर्ची मिली जिसमें दो मोबाइल नंबर लिखे हुए थे। चालक द्वारा उन नंबरों पर संपर्क किया गया तो चालक को पता चला कि यह बच्चा एक दिन पहले ही  किडनैप किया गया है। जानकारी मिलने पर चालक और परिचालक ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए बच्चे को कौशांबी चौकी में सौंप दिया। 

ये है मामला 
मझोला थानाक्षेत्र के लाइनपार रामलीला मैदान के पास से शुक्रवार दोपहर अपने घर के बाहर खेल रहे एक पांच साल के बच्चे का अपहरण कर लिया गया। बच्चे के पिता एक फाइनेंस कंपनी में कलेक्शन एजेंट का काम करते हैं। अपहर्ताओं ने फोन कर उनसे तीस लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। इस वारदात के बाद पूरे जिले की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया और कई टीमें लगाई गई।

लाइन पार रामलीला मैदान के पास रहने वाले गौरव कुमार श्रीराम फाइनेंस कंपनी में कलेक्शन एजेंट हैं। परिवार में पत्नी शिखा, बेटा ध्रुव (5)और बेटी सादगी हैं। गौरव कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह वह दफ्तर चले गए थे। बाकी सब में मौजूद थे।

उनकी मां ने बताया कि शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे ध्रुव दुकान से बिस्किट लेने गया था। बिस्किट का पैकेट घर में रखने के बाद बच्चा दोबारा खेलने के लिए घर से बाहर निकल गया। सास बहू ने सोचा कि बच्चा सामने मैदान में चला गया होगा। काफी देर बाद भी जब बच्चा घर नहीं लौटा तो सास बहू परेशान होने लगी और उन्होंने बच्चे की तलाश शुरू की। आस पड़ोस में तलाश करने के बाद सामने रामलीला मैदान में पहुंच गई। अन्य बच्चों से भी ध्रुव के बारे में पूछताछ की, लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया। 

इसके बाद गौरव को फोन पर इसकी जानकारी दी। कुछ देर में गौरव भी घर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि शाम साढ़े चार बजे उनके मोबाइल पर अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि उन्होंने आपके बेटे को अगवा कर लिया है। इसकी जानकारी पुलिस को दी तो बच्चे की जिंदगी से हाथ धो बैठोगे।

इसके बाद कहा कि उसे तीस लाख रुपये चाहिए। रुपये नहीं दिए तो बच्चे को मार दिया जाएगा। इस पर परिजन हक्के बक्के रह गए। वे बुरी तरह से घबरा गए और उन्होंने इसकी जानकारी काफी देर तक पुलिस को नहीं दी। सूचना मिलने पर चंदौसी से बच्चे के मामा सचिन और अन्य रिश्तेदार भी पहुंच गए।

उन्होंने भी दूसरी कॉल आने का इंतजार किया, लेकिन काफी देर बाद भी आरोपी की कॉल नहीं आई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। बच्चे के अपहरण और फिरौती मांगने की जानकारी से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया।
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एसएसपी प्रभाकर चौधरी खुद मौके पर पहुंच गए और उन्होंने शहर के सभी थानों की फोर्स बच्चे की तलाश में लगा दी। 

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