कुंदरकी विधायक जियाउर्रहमान बर्क के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद कुंदरकी विधानसभा सीट खाली हो गई है। इस सीट पर होने वाले उपचुनाव में सपा से कई दावेदार लाइन में हैं। दावेदारों ने अपनी अपनी पहुंच का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। कोई लखनऊ के चक्कर लगा रहा है तो कोई दिल्ली में डेरा डाले हुए है।
संभल लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए जियाउर्रहमान बर्क ने कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र के विधायक पद से बीते मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। यह जानकारी उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी शेयर की है। अब वह एक पद से मुक्त हो गए।
मतगणना के बाद जारी हुई अधिसूचना के आधार पर 14 दिन के अंदर एक पद से इस्तीफा दिया जाना था। सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने बताया कि मंगलवार को उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया था, जो मंजूर हो गया है।
मालूम हो जियाउर्रहमान बर्क वर्ष 2022 में कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र से सपा के टिकट पर विधायक बने थे। सपा ने इस बार संभल लोकसभा क्षेत्र से डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क को प्रत्याशी बनाया था। बीमारी के चलते डॉ. बर्क का निधन हो गया।
उनके निधन के बाद पार्टी ने डॉ. बर्क के पोते जियाउर्रहमान बर्क को प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा और उन्हें जीत भी मिल गई।
मुरादाबाद के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का आदेश होगा तो उप चुनाव लड़ने में कोई हर्ज नहीं है। वह आदेश का पालन करते हुए उपचुनाव लड़ेंगे, मना नहीं करेंगे। पूर्व सपा सांसद ने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनसे रामपुर लोकसभा लड़ने के लिए कहा था।
उस समय पूर्व मंत्री आजम खां के लिहाज के चलते रामपुर से लड़ने से मना कर दिया था, जब कि आजम खां ने ही उनके टिकट को कटवाया था। वह लोकसभा चुनाव समाप्त होने पर दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को बधाई देने के लिए गए थे लेकिन उपचुनाव के मुद्दे पर अभी चर्चा नहीं हुई है।