रेलवे का स्वच्छता अभियान प्लेटफार्म से आगे बढ़ते हुए ट्रैक तक पहुंच गया है। स्टेशन की सीमा में ट्रैक किनारे गंदगी फैलाना और टायलेट करना भारी पड़ सकता है। ट्रैक किनारे टायलेट करने वालों पर आरपीएफ की निगरानी रहेगी।
आरपीएफ ऐसे लोगों को पकड़कर उनकी काउंसिलिंग करने के साथ ही जुर्माना भी लगा रही है। उनके साथ कामर्शियल विभाग से टीटीई की भी ड्यूटी लगाई गई है। स्वच्छता अभियान में विस्तार करते हुए रेलवे स्टेशन के यार्ड को भी शामिल कर लिया गया है।
सुबह सुबह रेलवे ट्रैक को टायलेट के रूप में प्रयोग किया जाता है। सुबह में जब यार्ड में ट्रेन खड़ी होती है तो ट्रेन में बैठे यात्रियों को असहजता की स्थिति झेलनी पड़ती है। इसे देखते हुए रेलवे ने यार्ड में टायलेट करने वालों को रोक लगाने की जिम्मेदारी आरपीएफ को सौंपी है।
इसके लिए हर स्टेशन पर एक टीम बनाई गई है। जो सुबह के समय यार्ड में निगरानी करती है। वहां टायलेट करने वालों को पकड़ने के बाद पहले तो समझाया जाता है कि इस प्रकार से गंदगी न फैलाएं। इसके बाद टीम में शामिल टीटीई उस पर जुर्माना लगाता है। जुुर्माना लगाने के बाद उसे रसीद थमा दी जाती है। मंडल में अलग अलग टीम काम कर रही हैं।
मुरादाबाद स्टेशन पर बनाई टीम हर दिन आठ से दस लोगों पर जुर्माना लगा रही है। आरपीएफ इंस्पेक्टर अखिलेश गुप्ता ने बताया कि मुख्यालय से आदेश मिलने के बाद सब इंस्पेक्टर के निर्देशन में टीम का गठन कर दिया गया है। जो लगातार स्टेशन निगरानी कर रही है। हर रोज गंदगी फैलाने वालों पर जिनमें टायलेट करने वाले भी शामिल हैं आठ से दस लोगाें पर जुर्माना लगाया जा रहा है।