मुरादाबाद रेलवे स्टेशन परिसर में गांधी जी की प्रतिमा से चश्मा गायब।
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कल गांधी जयंती है। बापू के सम्मान में पूरा राष्ट्र समर्पित होता है। बच्चे भी उन्हें दिल में याद करते हैं। मगर बड़ा अफसोस होता है, ऐसे मौकों पर बापू की प्रतिमाओं की बेअदबी देखकर। हद तो शनिवार शाम तब हो गई जब कंपनी बाग के चौकीदार को निगम अफसरों ने बाबू का चश्मा लगाने को कहा।
बापू का चश्मा लेकर पहुंचा चपरासी टैंट वालों के साथ बापू की प्रतिमा के नीचे चबूतरे पर ही बोतल खोलकर शराब पीने बैठ गया। और तो और बापू का चश्मा भी बोतल के पास रखा और नशे में वहीं छोड़ शराबी चले गए।
रविवार को गांधी जयंती है, लिहाजा शनिवार को कंपनी बाग स्थित गांधी पार्क में खासी चहल - पहल रही। बेशक सालभर यहां गंदगी पसरी रहे लेकिन शनिवार को निगम की टीम यहां दिनभर गांधी पार्क की साफ - सफाई में पूरी शिद्दत से जुटी नजर आई। पार्क का कोना - कोना झाड़ा गया।
रविवार को नेता और अफसर बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचेंगे लिहाजा तंबू कनात भी लगाए गए। अफसरों के बैठने को कुर्सियां भी यहां डलवाई गई हैं। लेकिन शाम को यहां जो कुछ हुआ वो शर्मसार करने वाला था।
शाम ढलते ही बापू की प्रतिमा के नीचे महफिल सज गई। बापू की प्रतिमा के नीचे चबूतरे पर बैठकर जाम छलकाए गए। निगम अफसरों ने कंपनी बाग के चौकीदार को बापू की प्रतिमा को चश्मा लगाने भेजा था।
लेकिन यह चौकीदार प्रतिमा के चबूतरे पर ही टैंट वालों के साथ बोतल खोलकर बैठ गया। रात करीब नौ बजे यहां तीन लोग पैग लड़ाते मिले। बापू का चश्मा दारू की बोतल के पास रखा था। मीडिया के कैमरे चमके तो शराबी बापू के चश्मे को वहीं छोड़कर खिसक गए।