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हमारी संस्कृति की जड़े हैं लोकगीत : मैथिली

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मुरादाबाद के रेलवे स्टेडियम में वसंत महोत्सव कार्यक्रम में गीत प्रस्तुति करती प्रसिद्व गायिका ? - फोटो : CITY
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मुरादाबाद। लोक गायिका मैथिली ठाकुर रविवार को सामाजिक और सांस्कृतिक पूर्वांचलवासी संस्था के तीन दिवसीय वसंतोत्सव के शुभारंभ के मौके पर मुरादाबाद पहुंची। यहां अमर उजाला से उन्होंने अपने जीवन के पड़ावों और सफलता को साझा किया।
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उन्होंने कहा कि मुरादाबाद वासियों से मिलने के लिए मैं बहुत उत्साहित थी। पहली बार मुरादाबाद आई हूं। यह बहुत सुंदर शहर है। उत्तर प्रदेश मेरा पसंदीदा प्रदेश है। महीने में 15 दिन मैं यूपी में ही रहती हूं। उन्होंने कहा कि लोकगीत हमारी संस्कृति की जड़े हैं। घर में उठते-बैठते मैथिली और भोजपुरी गाती हूं और यूट्यूब पर अपलोड करती हूं। आज के दौर में प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए सोशल मीडिया बहुत सशक्त माध्यम है। यहां पर सभी को अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए बराबर अवसर मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि तेज गाने हम लगातार नहीं सुन सकते, जबकि लोकगीत और शास्त्रीय संगीत हमें सुकून देते हैं। इसलिए यह लोगों को आकर्षित करते हैं। मैथिली ठाकुर ने किशोरी आमोनकर को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि मैं किशोरी आमोनकर के गाने सुनकर बड़ी हुई हूं। इसलिए मैं शास्त्रीय गीतों और भजन गायन में ही आगे बढ़ना चाहती हूं।
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