मुरादाबाद। लालबाग श्री काली माता मंदिर और प्राचीन सिद्ध पीठ श्री नाै देवी काली माता मंदिर में महंतों की स्थायी नियुक्ति नहीं होगी। यहां समय-समय पर महंत बदलते रहेंगे। मंदिर का प्रबंधन श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के हाथों में रहेगा। जल्द ही मुरादाबाद में जूना अखाड़े की 52 सदस्यीय समिति की बैठक होगी।
मुरादाबाद पहुंचे श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के प्रवक्ता महंत नारायण गिरि ने बताया कि नाै अप्रैल को लालबाग काली माता मंदिर के महंत सज्जन गिरि और प्राचीन सिद्ध पीठ श्री नाै देवी काली माता मंदिर के महंत राम गिरि का स्थानांतरण कर नए महंतों की नियुक्ति की गई थी। नोटिस के बाद दोनों महंतों के आचरण में कोई परिवर्तन नहीं आने पर उन्हें हटाया गया था। अब मंदिर में स्थायी रूप से महंतों की नियुक्त नहीं की जाएगी। यहां समय-समय पर परिवर्तन किए जाते रहेंगे। मंदिर का पूरा प्रबंधन श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के पास ही रहेगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही बनारस में जूना अखाड़े की 52 सदस्यीय समिति की बैठक होगी। इस समिति की अगली बैठक लालबाग काली माता मंदिर में होगी। यहां बड़े भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।
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कोर्ट में पांच मई को होगी सुनवाई
मुरादाबाद। लालबाग काली माता मंदिर और प्राचीन सिद्ध पीठ श्री नाै देवी काली माता मंदिर के महंत का विवाद कोर्ट में पहुंच चुका है। प्राचीन सिद्धपीठ मंदिर से हटाए गए महंत राम गिरि ने सिविल कोर्ट में वाद दायर कर श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के अध्यक्ष, सभापति, महंत हरि गिरि, महंत महाकाल गिरि और महंत हितेश्वर गिरि को प्रतिवादी बनाया है। इसकी सुनवाई सात मई को होगी।
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गुरु परंपरा परिवार के वरिष्ठ संतों की होगी बैठक : राम गिरि
मुरादाबाद। प्राचीन सिद्ध पीठ श्री नाै देवी काली माता मंदिर के पूर्व महंत राम गिरि ने बताया कि प्राचीन मठ श्री काली माता जी मंदिर लालबाग मुरादाबाद प्राचीन समय से श्री नागा बाबा मिश्री गिरि महाराज के साधु परिवार से संबंद्ध है। इस मंदिर में प्राचीन काल से गुरु परंपरा और उत्तराधिकार नियम से संत परिवार में से ही महंतों औैर प्रबंधकों का चयन होता रहा है। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा जो कि नागा संन्यासियों की संस्था है। यह संस्था गुरु परिवार के मामलों में दखल नहीं दे सकती है। अखाड़े के कुछ पदाधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई के संबंध में श्री काली माता मंदिर के साधु परिवार के वरिष्ठ संतों की एक बैठक महामंडलेश्वर महंत कल्याण गिरि महाराज, पीठाधीश्वर आशापुरा माता जी मंदिर भुज गुजरात, महंत आनंद भैरव गिरि महाराज खड़गपुर पश्चिम बंगाल, महंत सुरेंद्र गिरि महाराज खंडवा मध्य प्रदेश के मार्गदर्शन में बुलाई जा रही है जिसमें परिवार के सभी साधु संत एकत्र होकर अगली कार्रवाई पर चर्चा करेंगे।