सुमित के पिता धर्मवीर ने बताया कि शुक्रवार दोपहर के वक्त सुमित की कॉल आई थी। तब उसने कहा था कि पापा लॉक डाउन लग गया है। में घर आ रहा हूं, लेकिन वह रात तक भी घर नहीं आया। परिवार के सभी सदस्य सुमित के घर लौटने का इंतजार कर रहे थे। पिता ने बताया कि सुमित का बड़ा भाई सचिन भाटी है। संभल में कलक्ट्रेेट में संविदा पर कार्यरत है। एक छोटी बहन सुरभी है। सुमित ने बीएससी केजीके कालेज मुरादाबाद से की थी। वह पांच साल से मुरादाबाद में रह रहा था। एक साल पहले अशोक नगर स्थित मकान में आया था। उन्होंने बताया कि सुमित पढ़ाई में मेहनत कर रहा था। परिवार को पूरी उम्मीद थी कि सुमित की सरकारी विभाग में नौकरी लग जाएगी।
सभी को मेरा हाथ जोड़कर प्रणाम, मुझे माफ कर देना...
सभी दोस्तों एवं मेरे मिलने वालों एवं मेरे रिश्तेदारों और मेरे माता पिता एवं भाई बहन और छोटी भतीजी को मेरा हाथ जोड़कर प्रणाम। मेरी इस गलती को माफ कर देना। मैं जिससे शादी करके उसके साथ घर वालों की सेवा करना चाहता था। वह किसी दूसरे लड़के से बात करती है। आज उस लड़के का फोन आया और बोला की मेरी जान को परेशान मत कर, मेरा किसी ने साथ नहीं दिया। आज मैं अकेला हो गया हूं, नहीं जीना चाहता। मेरे मरने के बाद किसी को परेशान न किया जाए। समाज में जातिवाद खत्म होना चाहिए। किसी भी व्यक्ति की जाति नहीं उसके गुणों को देखना चाहिए। सुसाइड नोट में प्रेमिका और उसके नए दोस्त का नाम व मोबाइल नंबर भी लिखा है।
तीन दिन से रो रहा हूं... तुम रात भर आन लाइन रहती हो:::
सुमित ने अपनी प्रेमिका के लिए चार पेज का लेटर लिखा है। जिसमें सुमित ने लिखा है कि मैं तीन दिन से रो रहा हूं। अब तुम किसी दूसरे से बात करती हो। तुमने मुझे हर जगह से ब्लाक कर दिया है। तुम रात भर आन लाइन रहती हो। इसके बाद भी तुम मेरे मैसेज का कोई नहीं देती हो। मैंने तुम्हारे के लिए सरकारी नौकरी की तैयारी तक छोड़ दी। अगर चाहता तो मेरे शरीर पर वर्दी होती, लेकिन मैं परीक्षा की तैयारी करने ठाकुरद्वारा नहीं गया। पहले तुम सुबह उठाने, नाश्ता और खाने तक के बारे में कॉल करती थीं। तुमने मुझे धोखा दिया है। तुम खुश रहो, अब किसी दूसरे को धोखा मत देना। मैं जा रहा हूं।