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तुमने मुझे धोखा दिया, तुम खुश रहो मैं जा रहा हूं... इसके बाद फंदे पर झूल गया शिक्षक

Sun, 12 Jul 2020 03:38 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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मैंने तुम्हें खुद से ज्यादा प्यार किया..., लेकिन तुमने मुझे धोखा दिया है। मैं पिछले तीन दिन से रो रहा हूं। मेरी आंखों के आंसू नहीं रुक रहे। अब तुम खुश रहो मैं जा रहा हूं। अपनी प्रेमिका के लिए चार पेज पर अपना दर्द बयां करने और परिवार के लिए एक पेज लिखने के बाद निजी शिक्षक ने फंदे पर लटक कर आत्महत्या कर ली। शनिवार सुबह सम्राट अशोक नगर स्थित किराये के मकान में शिक्षक का शव फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। जिसमें लटकने से मौत की पुष्टि हुई है।

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प्रेम प्रसंग में आत्महत्या करने वाला शिक्षक सुमित भाटी संभल जनपद के नखासा थानाक्षेत्र के गांव चमरौआ निवासी था। सुमित मझोला थानाक्षेत्र के सम्राट अशोक नगर गली नंबर चार में रामपाल सिंह के मकान की पहली मंजिल पर किराये पर रहता था। सुमित के पिता धर्मवीर सिंह ने बताया कि वह सरकोई भूड़ स्थित निजी स्कूल में शिक्षक था।

इसके अलावा टीएमयू से बीएड का कोर्स भी कर रहा था। पिता ने बताया कि शुक्रवार रात के बाद से सुमित का फोन नहीं लग रहा था। शनिवार सुबह भी सुमित का फोन नहीं लग पाया तो परिजनों को चिंता होने लगी। इसके बाद सम्राट अशोक नगर में ही रहने वाले सुमित के चाचा सतीश के पास कॉल की और उन्हें बताया कि सुमित का फोन नहीं लग रहा है। तब सुमित का चचेरा भाई सुवेंद्र पुत्र सतीश सुबह करीब नौ बजे सुमित के कमरे पर पहुंचा। वहां उसने देखा कि दरवाजा खुला हुआ है और सुमित पंखे के कुंडे से रस्सी को फंदा बनाकर लटका हुआ है।
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सुवेंद्र के शोर मचाने पर आस पड़ोस के लोग भी पहुंच गए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। कुछ ही देर में पुलिस भी पहुंच गई और विधि विज्ञान की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उसने चार पेज प्रेमिका और एक पेज परिवार के लिए लिखा है। मझोला थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। अभी तक परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं आई है।

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पिता से बोला था सुमित, पापा लॉकडाउन लग गया है घर आ जाऊं

सुमित के पिता धर्मवीर ने बताया कि शुक्रवार दोपहर के वक्त सुमित की कॉल आई थी। तब उसने कहा था कि पापा लॉक डाउन लग गया है। में घर आ रहा हूं, लेकिन वह रात तक भी घर नहीं आया। परिवार के सभी सदस्य सुमित के घर लौटने का इंतजार कर रहे थे। पिता ने बताया कि सुमित का बड़ा भाई सचिन भाटी है। संभल में कलक्ट्रेेट में संविदा पर कार्यरत है। एक छोटी बहन सुरभी है। सुमित ने बीएससी केजीके कालेज मुरादाबाद से की थी। वह पांच साल से मुरादाबाद में रह रहा था। एक साल पहले अशोक नगर स्थित मकान में आया था। उन्होंने बताया कि सुमित पढ़ाई में मेहनत कर रहा था। परिवार को पूरी उम्मीद थी कि सुमित की सरकारी विभाग में नौकरी लग जाएगी।

सभी को मेरा हाथ जोड़कर प्रणाम, मुझे माफ कर देना...
सभी दोस्तों एवं मेरे मिलने वालों एवं मेरे रिश्तेदारों और मेरे माता पिता एवं भाई बहन और छोटी भतीजी को मेरा हाथ जोड़कर प्रणाम। मेरी इस गलती को माफ कर देना। मैं जिससे शादी करके उसके साथ घर वालों की सेवा करना चाहता था। वह किसी दूसरे लड़के से बात करती है। आज उस लड़के का फोन आया और बोला की मेरी जान को परेशान मत कर, मेरा किसी ने साथ नहीं दिया। आज मैं अकेला हो गया हूं, नहीं जीना चाहता। मेरे मरने के बाद किसी को परेशान न किया जाए। समाज में जातिवाद खत्म होना चाहिए। किसी भी व्यक्ति की जाति नहीं उसके गुणों को देखना चाहिए। सुसाइड नोट में प्रेमिका और उसके नए दोस्त का नाम व मोबाइल नंबर भी लिखा है।

तीन दिन से रो रहा हूं... तुम रात भर आन लाइन रहती हो:::
सुमित ने अपनी प्रेमिका के लिए चार पेज का लेटर लिखा है। जिसमें सुमित ने लिखा है कि मैं तीन दिन से रो रहा हूं। अब तुम किसी दूसरे से बात करती हो। तुमने मुझे हर जगह से ब्लाक कर दिया है। तुम रात भर आन लाइन रहती हो। इसके बाद भी तुम मेरे मैसेज का कोई नहीं देती हो। मैंने तुम्हारे के लिए सरकारी नौकरी की तैयारी तक छोड़ दी। अगर चाहता तो मेरे शरीर पर वर्दी होती, लेकिन मैं परीक्षा की तैयारी करने ठाकुरद्वारा नहीं गया। पहले तुम सुबह उठाने, नाश्ता और खाने तक के बारे में कॉल करती थीं। तुमने मुझे धोखा दिया है। तुम खुश रहो, अब किसी दूसरे को धोखा मत देना। मैं जा रहा हूं।
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