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Moradabad News: प्रधान पर नहीं, सरकारी कर्मचारियों पर लोकायुक्त कर सकेंगे कार्रवाई

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मुरादाबाद। ग्राम पंचायतों में किए गए भ्रष्टाचार की शिकायत पर लोकायुक्त के द्वारा शासकीय कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकेगी, लेकिन ग्राम प्रधान को लोकायुक्त के आदेश पर की जाने वाली जांच से बाहर रखे जाने का फैसला हाईकोर्ट ने सुनाया है। ग्राम गोधी की तत्कालीन ग्राम प्रधान फात्मा बेगम द्वारा लोकायुक्त के आदेश पर की जा रही जांच को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए दायर याचिका को अंतिम रूप से निस्तारित करते हुए हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया है।
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सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोधी में वर्ष 2016-17 में तत्कालीन ग्राम प्रधान फात्मा बेगम और तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव मनोज कुमार सिंह (वर्तमान में एडीओ) ने बाजार की नीलामी से प्राप्त आय को ग्राम निधि प्रथम के खाते में जमा करने के बजाय एक अन्य खाता खुलवाकर उसमें जमा कर दिया था और इस धनराशि को मनमाने ढंग से खर्च भी कर दिया । ग्रामीण जावेद व तय्यब अली की शिकायत पर लोकायुक्त के आदेश पर तत्कालीन डीएम राकेश कुमार सिंह ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर जांच कराई। जिसमें पाया गया कि पूर्व में जांच करने वाले अधिकारियों जिला युवा कल्याण अधिकारी और बीएसए ने लीपापोती की है। तत्कालीन डीएम ने इस जांच आख्या को लोकायुक्त को भेज दिया। जिसके बाद तत्कालीन ग्राम प्रधान फात्मा बेगम ने लोकायुक्त के आदेश पर की गई जांच को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने लोकायुक्त के आदेश पर पूर्व ग्राम प्रधान के विरुद्ध की जा रही जांच को उत्तर प्रदेश लोकायुक्त अधिनियम के विपरीत मानते हुए याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत देने के साथ जांच और कार्रवाई पर रोक लगा दी है। साथ ही सरकार व लोकायुक्त से जवाब भी मांगा था। लोकायुक्त की ओर से प्रतिशपथपत्र दाखिल करने के बाद इस याचिका को अंतिम रूप से निस्तारित कर दिया। जिसमें कहा गया है कि ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। जबकि अन्य सभी शासकीय कर्मचारियों के विरुद्ध लोकायुक्त के आदेश पर जांच और कार्रवाई की जा सकती है।
पांच ग्राम पंचायतों में रुकी थी लोकायुक्त के आदेश पर हुई जांच
जिला मुरादाबाद की पांच ग्राम पंचायतों गोधी, भीकनपुर कुलवाड़ा, चांदपुर, सेहल और अल्लापुर भीकन में पूर्व ग्राम प्रधानों के कार्यकाल में किए गए घोटालों की जांच लोकायुक्त के आदेश पर की गई थी। इन सभी पूर्व ग्राम प्रधानों एवं सचिवों के विरुद्ध जांच पर कार्रवाई करने से हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी थी। अब हाईकोर्ट ने इन सभी याचिकाओं को निस्तारित करते हुए शासकीय कर्मचारियों के विरुद्ध लोकायुक्त के आदेश पर की जाने वाली जांच, कार्रवाई को हरी झंडी दे दी है। इस आदेश के बाद ग्राम पंचायत गोधी के तत्कालीन सचिव मनोज कुमार सिंह, भीकनपुर कुलवाड़ा के शिव कुमार भटनागर, चांदपुर के विनय आशीष, सेहल के राहुल सिंह और अल्लापुर भीकन के विजेंद्र (सभी तत्कालीन) के साथ ही इनको बचाने वाले जांच अधिकारियों के विरुद्ध भी अब लोकायुक्त के द्वारा कार्रवाई किए जाने का रास्ता साफ हो गया है।
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