भोजपुर के बीजना गांव निवासी सुनीता पत्नी रामचंद्र अपने परिवार के साथ सिविल लाइंस के गौतम नगर नया गांव में किराये के मकान में रहती हैं। सुनीता की दो बेटियां और तीन बेटे हैं। सुनीता ने बताया कि बड़ा बेटा अजय टैक्सी चालक है। दो साल पहले फेसबुक के जरिए बांग्लादेश के गाजीपुर निवासी जूली से दोस्ती हो गई थी। दोनों ने एक दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिए थे। इसके बाद दोनों बातचीत करते थे।
एक साल पहले जूली अपनी 11 साल की बेटी को लेकर अजय के घर आ गई थी। जूली के पास पासपोर्ट और वीजा था। यहां आकर जूली ने मुस्लिम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया था। इसके बाद अजय के साथ शादी कर ली थी। जूली करीब पंद्रह दिन यहां रुकी और वह फिर से बांग्लादेश चली गई थी।
कुछ दिन बाद फिर से जूली यहां आकर अजय के साथ रहने लगी थी। सुनीता ने बताया कि करीब तीन माह पहले जूली ने कहा कि उसका वीजा समाप्त होने वाला है। वह वीजा की अवधि बढ़वाने के लिए बांग्लादेश जाने की बात कहने लगी। उसने अजय से कहा कि वह उसे बांग्लादेश बॉर्डर तक छोड़ आए। इसके बाद वह वीजा की अवधि बढ़ाने के बाद वापस आ जाएगी।
सुनीता ने बताया कि 15 दिन बाद उसके बेटे ने फोन किया और कहा कि जूली बॉर्डर पर कुछ रुपये खर्च कर मुझे बांग्लादेश ले आई है। पंद्रह दिन बाद वह आ जाएगा। इसके बाद से अजय का परिवार से कोई संपर्क नहीं आया है। अब वहां एक नंबर से अजय से अपने फोटो भेजे हैं। जिसमें वह लहूलुहान हालत में दिख रहा है। उसने मदद की गुहार लगाई है।
सुनीता ने एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर बेटे को बांग्लादेश से वापस बुलाने की गुहार लगाई है। एसएसपी ने सिविल सीओ सिविल लाइंस और एलआईयू को पूरे मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं।