मुरादाबाद। युवक की गोली मारकर हत्या के मामले में अदालत ने शुक्रवार को पति-पत्नी समेत चार लोगों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
पाकबड़ा क्षेत्र के भैसोड़ा निवासी मुनेश शर्मा ने 21 जनवरी 2015 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया कि उसका छोटा भाई ललित अविवाहित था। वह परिवार से अलग मकान में रहता था। उसके पड़ोस में रहने वाले मोहन की पत्नी ओमवती से संबंध थे। इसी बात को लेकर घटना से कुछ दिन पहले मोहन, उसके भतीजे ज्ञानप्रकाश, बहनोई चंद्रपाल से कहासुनी भी हुई थी, लेकिन ललित और ओमवती ने मिलना-जुलना नहीं बंद नहीं किया।
20 जनवरी की रात करीब नौ बजे ललित के कमरे से गोली चलने की आवाज आई। जब मुनेश और उसका भाई नीरज मौके पर पहुंचा तो ललित के कमरे से मोहन हाथ में तमंचा लेकर निकल रहा था। उसके पीछे उसकी पत्नी ओमवती, ज्ञानप्रकाश और चंद्रपाल भी थे। दोनों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो मोहन ने कहा कि आज ललित को उसकी करनी की सजा दे दी। आरोपी मोहन ने मुनेश को धमकी दी कि अगर मुकदमा दर्ज कराया तो तुझे भी मार दूंगा।
इसके बाद आरोपी मौके से भाग गए थे। दोनों भाई कमरे में पहुंचे तो ललित का शव पड़ा था। इस मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन विमल वर्मा की अदालत में हुई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नाहर सिंह त्यागी और मधु रानी चौहान ने बताया कि इस मामले में अदालत में वादी मुनेश शर्मा के साथ अन्य ग्रामीणों के भी बयान हुए, जिनसे बचाव पक्ष द्वारा जिरह भी की गई। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर चारों आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही चारों पर जुर्माना भी लगाया।