सात साल पहले संभल जिले के चंदौसी थानाक्षेत्र में एक युवक को जिंदा जलाकर मौत के घाट उतारने के मामले में अदालत ने उसके दो सालों को आजीवन कारावास की सजा के साथ साथ प्रत्येक पर बीस- बीस हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है।
संभल जनपद के चंदौसी थानाक्षेत्र के कैथल गांव में सात साल पहले बरेली के खतैता गांव निवासी छत्रपाल की जलाकर हत्या कर दी थी। जिसके भाई नेत्रपाल निवासी खतैता जिला बरेली ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा था कि छत्रपाल की शादी वर्ष 2013 में कैथल निवासी प्रीति के साथ हुई थी।
शादी के बाद से ही दोनों पति पत्नी के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। प्रीति अपने पिता के घर आ जाती थी। 13 जनवरी 2015 को भी प्रीति अपने पिता के घर कैथल आई हुई थी। जिसे बुलाने के लिए छत्रपाल गया था। जहां प्रीति के भाई श्योराज व बदन सिंह पुत्र ओमप्रकाश ने अपनी बहन को भेजने से पहले शादी में दिया गया जेवर मांगा।
जिसको लेकर साले बहनोई में विवाद हो गया। इसी विवाद में श्योराज व बदन सिंह ने छत्रपाल के ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दी। जिससे में वह बुरी तरह से झुलस गया था। उपचार के लिए उसे मुरादाबाद के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसने मजिस्ट्रेट के समक्ष मृत्यु पूर्व अपने बयान दर्ज कराए और घटना की पुष्टि की थी।