मुरादाबाद। मझोला के 13 साल पुराने डेढ़ साल की बच्ची की हत्या के मामले में एडीजे-चार अंचल लवानियां की अदालत ने सोमवार को मुलजिम मुकेश को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है जबकि 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इस मामले में साक्ष्यों के अभाव में एक आरोपी को बरी कर दिया गया है। तीसरे आरोपी की मृत्यु हो चुकी है।
मझोला के मानपुर नारायणपुर निवासी राजू ने विजेंद्र सिंह, मुकेश और राजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उसने बताया कि तीनों आरोपी 24 अप्रैल 2013 को उसकी डेढ़ साल की भांजी वर्षा को घर के बाहर से खेलते समय अगवा कर ले गए और उसकी हत्या करने के बाद लाश तालाब में फेंक दी थी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया था। जिसमें बताया कि विजेंद्र की बेटी ज्योति और राजू के भाई धर्मेंद्र के बीच संबंध थे। राजू और उसका भाई पहले विजेंद्र के मकान में किराये पर रहते थे। ज्योति की शादी होने के बाद भी धर्मेंद्र ने उससे बातचीत बंद नहीं की थी।
एक दिन धर्मेंद्र ज्याेति को लेकर चला गया था। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों में रंजिश चल रही थी। 24 अप्रैल 2013 की शाम करीब पांच बजे राजू की भांजी घर के बाहर से आरोपी अगवा कर ले गए थे और उसकी पिटाई की थी। इसके बाद उसका गला घोंटकर हत्या कर दी थी।
इस मामले में पुलिस ने तीनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले की सुनवाई एडीजे-चार अंचल लवानियां की अदालत में चली। सुनवाई के दौरान विजेंद्र की मृत्यु हो चुकी है। सोमवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के आधार पर मुलजिम मुकेश को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा और 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साक्ष्यों के अभाव में राजू को बरी कर दिया गया है।