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Moradabad News: छजलैट के छज्जा नंगला और कुचावली में दिखाई दिए तेंदुए, दहशत

Tue, 28 Apr 2026 02:30 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
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कांठ। छजलैट क्षेत्र के गांव छज्जा नंगला के पास कार सवार युवकों को खेत में तेंदुआ दिखाई दिया है। वहीं कुचावली में भी एक किसान के खेत में तेंदुआ दिखा है। कांठ और छजलैट क्षेत्र में आए दिन तेंदुए दिखाई देने और उनके द्वारा हमला किए जाने के मामले बढ़ने से क्षेत्रवासी डरे हुए हैं।
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रविवार की रात करीब नौ बजे छजलैट के गांव सदुपुरा निवासी शुभम चाहल और उसका दोस्त अमित चाहल कार से वाया छज्जा नंगला होकर उमरी चौराहा जा रहे थे। बताया गया कि जब यह छज्जा नंगला तालाब के समीप मोड़ पर पहुंचे तो इन्हें कार की हेडलाइट की रोशनी में सामने जुते हुए एक खेत में तेंदुआ बैठा हुआ दिखाई दिया। कार सवार युवकों ने कार के अंदर ही बैठे हुए मोबाइल से तेंदुए की वीडियो भी बना ली। कुछ देर बाद तेंदुआ वहां से उठकर गन्ने के खेतों में चला गया। इसके बाद युवकों ने फोन से अपने व आसपास के गांवों में परिचितों को इसकी जानकारी दी। बता दें कि एक दिन पहले ही शनिवार की रात पास के ही गांव शेखुपुरा में आबादी से सटे अनुज के खेत में भी तेंदुआ दिखाई दिया था। जिस पर रविवार को वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर खेतों में सर्च अभियान चलाया था। वहीं दूसरी ओर रविवार की शाम ही छजलैट के गांव कुचावली के रहने वाले अखिलेश अपने खेत पर स्थित नलकूप पर गए थे। तभी इन्हें खेत में कुछ दूरी पर तेंदुआ दिखाई दिया। जिसे देख कर यह बुरी तरह घबरा गए। खुद को सुरक्षित करते हुए अखिलेश ने फोन से गांव में इसकी जानकारी दी। जिस पर तमाम ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर हल्ला करते हुए वहां पहुंचे। लेकिन तब तक तेंदुआ खेतों में ओझल हो चुका था। वन दरोगा राजेंद्र सिंह ने कहा कि गन्ना और गेहूं की फसलें कटने से इस समय खेत खाली हैं, गर्मी व धूप बढ़ गई है। जिसकी वजह से वन्य जीव पानी और ठंडे स्थान की तलाश में इधर-उधर घूमते दिख रहे हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों को जागरूक करते हुए सजग और सतर्क रहने तथा तेंदुआ दिखने पर उसे छेड़े बिना तुरंत इसकी सूचना दिए जाने की अपील की है। आक्रामक हो रहे तेंदुओं को पकड़ने में वन विभाग नाकामयाब साबित हो रहा है। जिसका परिणाम है कि 35 दिन में कांठ क्षेत्र में पांच बच्चों सहित तेंदुए छह लोगों को हमला कर गंभीर घायल कर चुके हैं। जिससे क्षेत्र में लोग तेंदुओं की दहशत में जी रहे हैं।
23 मार्च को कांठ तहसील क्षेत्र के गांव फतेहपुर विश्नोई निवासी बाइक सवार किसान विजेंद्र सिंह पर खेत को जाते समय पास के ही गांव कोकरपुर के जंगल में रास्ते के किनारे अपने शावक के साथ छिपे बैठे तेंदुए ने अचानक हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद 30 मार्च की शाम तेंदुए ने कांठ के गांव महदूद कलमी में अकरम के घर में घुसकर आंगन में खेल रही उनकी दो साल की मासूम बेटी सिदरा पर हमला कर उसे जबड़े में दबोचकर ले जा रहा था लेकिन परिजनों ने उसे तेंदुए ने बचा लिया था और मासूम सिदरा गंभीर घायल हो गई थी। इसके अगले दिन 31 मार्च रात तेंदुआ कांठ के गांव मिश्रीपुर के रहने वाले अवनेश कुमार के घर में घुस गया था और यहां चारपाई पर लेटी आठ साल दीपांशी को हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया था। अभी पांच दिन पहले 11 अप्रैल को तेंदुए ने कांठ के गांव दरियापुर निवासी सुनील कुमार के तीन साल के बेटे हर्ष पर भी खेत में हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया था। 16 अप्रैल की शाम गांव सलेमपुर के मझरा फजलाबाद निवासी राजीव कुमार के पांच साल के बेटे पर खेत में तेंदुए ने हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया था। अब सोमवार की तड़के तेंदुए ने गांव राजीपुर खद्दर में घर की छत पर मच्छरदानी के अंदर हो रही छह साल की दीया पर हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया है। आक्रामक तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
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क्षेत्र के गांव राजीपुर खद्दर में सोमवार की तड़के तेंदुए के हमले से गंभीर घायल हुई मासूम दीया का सोमवार को छठा जन्मदिन था, वह छह साल की पूरी हो चुकी है। लेकिन तेंदुए ने उस पर हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया। उसकी मां पिंकी ने बताया कि दीया एक निजी स्कूल में एलकेजी में पढ़ती है। संवाद
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