बिजनौर और मुरादाबाद क्षेत्र में तेंदुओं के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं। वन विभाग के अधिकारियों को हर समय सतर्क रहने को कहा गया है। तेंदुओं को पिंजरा लगाकर पकड़ने का प्रयास जारी है। पिछले 16 महीने में करीब 81 तेंदुए मंडल के विभिन्न स्थानों से रेस्क्यू कर जंगल में छोड़े जा चुके हैं। - रमेश चंद्र, वन संरक्षक, मुरादाबाद परिक्षेत्र
लोधीपुर गांव में घूम रहा तेंदुआ लोग घरों में कैद
लोधीपुर राजपूत गांव में शुक्रवार को भी तेंदुआ दिनभर घूमता रहा। तेंदुए की दहशत के कारण लोग घरों में कैद रहे। तेंदुए की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम गांव पहुंची और स्थिति का निरीक्षण किया। एक दिन पहले तेंदुआ किसान के घर घुस गया था। ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए के डर से लोग खुल में नहीं सो रहे हैं।
भीषण गर्मी में भी लोग कमरों में सोते हैं। तेंदुए के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण खासे चिंतित हैं। किसान खेतों पर भी नहीं जा रहे हैं। सभी को तेंदुए के हमले का डर सता रहा है। शुक्रवार को ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम गांव पहुंची।
तेंदुए की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से अकेले खेत पर न जाने को कहा। साथ ही बच्चों काे घर के बाहर न खेलने देने की भी अपील की। तेंदुए के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहाैल है। लोगों ने अकेले खेतों पर भी जाना बंद कर दिया है। वह झुंड में होकर बाहर निकल रहे हैं।
जिले के करीब साै गांवों में दहशत
मुरादाबाद जिले से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुओं का आतंक बढ़ गया है। कांठ से लेकर ठाकुरद्वारा और पाकबड़ा क्षेत्र के 95 गांवों में पिछले एक साल से इनकी माैजूदगी ने लोगों की नींद उड़ा दी है। जिस तरह तेंदुए इन गांवों में दिख रहे हैं, उसे देखकर ऐसा लग रहा है कि वह कभी भी शहर में घुस सकते हैं।
शिकार की तलाश में गांवों का रुख करने से तेंदुए हमलावर भी हो गए हैं। आलम यह है कि कांठ और ठाकुरद्वारा क्षेत्र में कई लोगों को घायल भी कर चुके हैं। वहीं कई जानवरों को भी अपना निवाला बना चुके हैं। इनका खाैफ इतना अधिक है कि लोग अब अपने घरों से भी निकलने से परहेज कर रहे हैं। बच्चे डरे-सहमे हैं। वन विभाग इनको पकड़ने के लिए जगह-जगह पिंजरे तो लगाता है, लेकिन वह नाकाफी है।
12 गांव पाकबड़ा के खाैफ में
लोधीपुर, बागड़पुर, बल्लूपुरा, मिलक, बागड़पुर की मड़ैया, बुरैठा, ज्ञानपुर, सिकंदरपुर, बहलोलपुर माैड़ादेहिया, ओरंगाबाद आदि गांवों में तेंदुए का खाैफ है।
50 गांव ठाकुरद्वाराके प्रभावित
ठाकुरद्वारा क्षेत्र के करीब 50 गांवों में तेंदुए का आतंक है। तेंदुए अपनी लोकेशन बदलते रहते हैं और जगह-जगह हमले की घटनाओं को अंजाम देते हैं। तेंदुए की गतिविधियां पानूवाला, मधुपुरी, कल्यानपुर, आलमगीरपुर, रतूपुरा, लेदा, गोपीवाला, कालेवाला, करनावाला, दुल्हापुर, मुनीमपुर, पाड़ला, मधुपुरी, लालापुर पीपलसाना, मुंशीगंज,रामू वाला सहित करीब 50 गांवों में देखी जाती रही हैं।
क्षेत्र में तेंदुओं के बढ़ते आतंक से जान-माल को खतरा बना हुआ है। प्रशासन को तुरंत तेंदुओं का आतंक समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। - रईस खां उर्फ बल्ले, व्यापार प्रतिनिधि मंडल के उपाध्यक्ष
यूनियन ने बुधवार को यह मामला डीएम के समक्ष भी उठाया। डीएम से तेंदुओं को पकड़ने के लिए बड़ा अभियान चलाने के लिए वन विभाग को आदेश देने की मांग की गई है। - घनेंद्र शर्मा, भाकियू जिलाध्यक्ष