मुरादाबाद। तेंदुए का आतंक मुरादाबाद से होते हुए बिजनौर तक पहुंच गया है। तेंदुआ तीन अगस्त को ठाकुरद्वारा के गांव लालापुर पीपलसाना में एक महिला को मारकर खा गया था। जबकि चार अगस्त को नगीना क्षेत्र के गांव सिखनी वाला में आठ साल के बच्चे की जान ले ली थी। जबकि इन दो दिनों में ठाकुरद्वारा, डिलारी और कांठ में कई जगह नजर आ चुका है। वहीं तमाम कोशिशों के बाद भी वन विभाग इन आदमखोर तेंदुओं को पकड़ नहीं पा रहा है। जो पिंजरे पकड़ने के लिए लगाए गए थे वह भी खाली पड़े हैं।
तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग ड्रोन के माध्यम से आपरेशन सर्च चला रहा है। विभाग ने अपनी लंबी चौड़ी फौज लगा रखी है। जहां भी सूचना मिलती है वहां कॉम्बिंग, पैरों के निशानों की पड़ताल और कैमरा ट्रैप की मदद से तेंदुए की तलाश की जा रही है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। वहीं हर रोज गांवों में तेंदुए दिखने से खौफ पैदा हो रहा है। स्थिति यह है कि शाम ढले ही गांवों के रास्तों पर सन्नाटा हो जाता है। रात में नलकूप पर जाने से भी किसान डर रहे हैं।
आगरा से बुलाई एक्सपर्ट की टीम
मुरादाबाद। तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग ने आगरा से वाइल्ड लाइफ के एक्सपर्ट की टीम बुलाई है। यह लोग बृहस्पतिवार को मुरादाबाद पहुंच जाएंगे और आपरेशन शुरू करेंगे। विशेषज्ञों की टीम तेंदुए की गतिविधियों का पैटर्न तैयार करेगी। ड्रोन, कैमरा ट्रैप और पगमार्क के जरिए उसकी सटीक लोकेशन चिह्नित की जाएगी। तेंदुआ दिखाई देने पर प्रशिक्षित विशेषज्ञ ट्रैंक्यूलाइजर गन से बेहोश कर उसे पकड़ेंगे। इसके लिए विशेष पिंजरे और रेस्क्यू वाहन भी तैयार रखे गए हैं।
सावधान रहो....जागते रहो
मुरादाबाद। अगर मुरादाबाद की बात करें तो 100 गांवों में तेंदुए की दहशत है। यह सभी वह गांव हैं जहां आए दिन तेंदुए नजर आ रहे हैं। कभी खेतों में तो कभी गांव के रास्तों तक पहुंच जा रहे हैं। वन विभाग भी किसानों को सचेत कर रहा है कि वह अकेले खेत पर न जाएं। समूह के रूप में जाएं। डीएफओ डॉ. विनय कुमार का कहना है कि उन्होंने लोगों से अपील की है कि खेतों पर अकेले जाने से बचें। सुबह-शाम समूह में निकलें, बच्चों को अकेला न छोड़ें और तेंदुआ दिखने पर उसे घेरने या भगाने का प्रयास न करें। तुरंत वन विभाग को सूचना दें ताकि रेस्क्यू अभियान में बाधा न आए। विशेषज्ञों का कहना है कि गन्ने के घने खेत तेंदुओं के लिए सुरक्षित ठिकाना बन जाते हैं, इसलिए ऐसे क्षेत्रों में अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण होता है