कांठ। क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। जिससे ग्रामीणों और किसानों में दहशत व्याप्त है। अब फिर से तेंदुआ कांठ के गांव मुख्त्यारपुर नवादा स्थित बिश्नोई मंदिर के पास से मंगलवार को आधी रात के बाद एक कुत्ते को उठाकर ले गया। वहीं छजलैट के तेलीपुरा में भी तेंदुए दिखाई देने की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी है।
पांच दिन पहले क्षेत्र के गांव गोविंदपुर ज्ञानपुर में ग्रामीणों ने एक साथ चार तेंदुए देखे थे, यहां ग्रामीणों के पशुओं के पीछे भी दौड़े थे। वन विभाग की टीम ने कॉम्बिंग की थी। पूर्व प्रधान अजय यादव सहित ग्रामीणों जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र देकर पिंजरा लगवाने की मांग की थी। जिसके बाद बुधवार को गोविंदपुर ज्ञानपुर में तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा पहुंच गया है। वहीं 31 जुलाई को वन विभाग की टीम ने कांठ गांव खलीलपुर कद्दीम के पास और दो अगस्त को छजलैट के कुरी रवाना में तेंदुआ पकड़ने के लिए लगाए अलग-अलग पिंजरे कई दिन के बाद भी ऐसे ही खाली रखे हुए हैं, इनमें तेंदुए नहीं फंसे हैं। वन विभाग के कर्मचारी लगातार पिंजरों पर निगरानी किए हुए हैं। पिछले दिनों तेंदुओं द्वारा कांठ और छजलैट क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर किए गए हमलों में मासूम बच्चों सहित 11 लोग घायल हो गए थे। साथ ही पिछले वर्ष मई 2025 में छजलैट के नक्संदाबाद निवासी किसान दलवीर सिंह पर तेंदुए द्वारा किए गए हमले में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद 23 मार्च 2026 को गांव फतेहपुर विश्नोई के विजेंद्र सिंह पर, 30 मार्च को घर में घुसकर गांव महदूद कलमी की दो वर्षीय सिदरा पर, 31 मार्च को घर में घुसकर गांव मिश्रीपुर की आठ वर्षीय दीपांशी, 11 अप्रैल को गांव दरियापुर के तीन वर्षीय हर्ष, 16 अप्रैल को गांव फजलाबाद के पांच वर्षीय लव्यांश, 27 अप्रैल को गांव राजीपुर खद्दर की छह वर्षीय दीया, 28 अप्रैल को गांव रायपुर खुर्द के कपिल देव सिंह, 16 मई को गांव मुजफ्फरपुर टांडा के 13 वर्षीय लोकेंद्र कुमार, 20 मई को गांव पाइंदापुर की 50 वर्षीय फूलवती व गांव छजलैट के मनीष कुमार और 30 जून को खेत में चारा लेने गई गांव गोपालपुर की 17 वर्षीय सानिया पर तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया था। संवाद