कांठ। नदी के किनारे तेंदुए को देखकर खेतों पर काम कर रहे किसानों के होश उड़ गए। उन्होंने फोन से इसकी जानकारी गांव में दी तो ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए और उन्होंने तेंदुए को घेर लिया। लेकिन शोर मचने पर तेंदुआ भाग निकला। वह कुछ दूरी पर पहुंचकर नदी की जल कुंभी में फंस गया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस और मुरादाबाद व अमरोहा वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। लेकिन देर शाम तक भी तेंदुए को जल कुंभी से नहीं निकाला जा सका।
मुरादाबाद और अमरोहा की सीमा से होकर गुजर रही गांगन नदी के किनारे रविवार को कांठ तहसील व छजलैट थाना क्षेत्र के गांव मल्हपुर खैईया और नजराना के खेतों में कुछ किसान कृषि कार्य कर रहे थे। अचानक उनकी निगाह नदी के किनारे पड़ी तो यहां उन्हें एक तेंदुआ दिखाई दिया। जिसे देखकर किसानों के होश उड़ गए। उन्होंने इसकी जानकारी फोन से ग्रामीणों को दी। जिस पर मल्हपुर खैईया और नजराना के तमाम ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने तेंदुए की घेराबंदी की तो तेंदुआ शोर सुनकर मौके से भाग निकला। ग्रामीण भी उसके पीछे लाठी-डंडे लेकर दौड़े। लेकिन कुछ दूरी पर पहुंचते ही तेंदुआ अमरोहा जनपद की सीमा में गांगन नदी की झाड़ियों और जल कुंभी में फंस गया। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पुलिस और वन विभाग को दी। कुछ देर के बाद ही छजलैट थानाध्यक्ष राम प्रताप सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। तेंदुए के फंसे होने ही सूचना मिलते ही डीएफओ मुरादाबाद सूरज के नेतृत्व में अमरोहा और मुरादाबाद की वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने तेंदुए को झाड़ियों और जल कुंभी से निकालने के लिए जाल लगाया। इसी के साथ एक पिंजड़ा मुरादाबाद और दूसरी अमरोहा जनपद की सीमा में लगाया। लकड़ियों की बल्लियां लगाकर तेंदुए के निकलने के रास्ता भी बनवाया। लेकिन रविवार शाम आठ बजे तक भी वन विभाग टीम को कोई सफलता नहीं मिल पाई थी। डीएफओ मुरादाबाद के निर्देशन में टीम तेंदुए को निकालने के लिए प्रयास कर रही थी।
कांठ। क्षेत्र में मुरादाबाद-अमरोहा जनपद की सीमा से होकर गुजर रही गांगन नदी की झाड़ियों और जल कुंभी में फंसे तेंदुए को देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों की भारी संख्या में भीड़ लग गई। हर कोई तेंदुए को देखना चाह रहा था। लेकिन वन विभाग और पुलिस की टीम ने किसी भी ग्रामीण या अन्य व्यक्ति को पास नहीं जाने दिया। टीम बार बार ग्रामीणों से शोर न मचाने की अपील कर रही थी। वन विभाग की टीम भी दूरबीन के जरिए तेंदुए की हरकतों को देखती रही।
कांठ। रविवार को ग्रामीणों के घेरे से निकलकर भागे तेंदुए के गांगन नदी की झाड़ियों और जल कुंभी में फंसने के बाद उसे पकड़ने और इससे बाहर निकालने के लिए मौके पर डीएफओ मुरादाबाद सूरज, वन क्षेत्राधिकारी सरोप सिंह रावत, वन क्षेत्राधिकारी अमरोहा मनोज चौधरी, डिप्टी रेंजर वीरेंद्र सिंह, डिप्टी रेंजर मनोज वर्मा, सहायक वन संरक्षक चौधरी सतेंद्र सिंह, मयंक पांडे, आरओ मनोज, वन रक्षक अमरजीत सिंह, छजलैट थानाध्यक्ष राम प्रताप सिंह, फत्तेहपुर चौकी प्रभारी वीरेंद्र सिंह आदि टीम के साथ मौके पर रहे।
कांठ। क्षेत्र में गांगन नदी के की झाड़ियों और जल कुंभी में फंसे तेंदुए को बाहर निकालने के लिए वन विभाग के पसीनें छूट गए। करीब 12 घंटे की कड़ी मशक्कत करने के बाद भी दोनों जनपदों की वन टीम को कोई सफलता नहीं मिली। इसी दौरान हार थक कर कई बार टीम एक ओर बैठ भी गई। रविवार शाम आठ बजे तक भी कोई सफलता टीम को नहीं मिल पाई थी। दोनों जनपदों की टीम मौके पर मौजूद थी और तेंदुए के बाहर निकालने का इंतजार कर रही थी।
तेंदुआ अमरोहा-मुरादाबाद की सीमा पर गांगन नदी की झांड़ियों में फंसा हुआ है। उसे निकालने के लिए ऑपरेशन चलाया जा रहा है। लेकिन कोई भी सफलता नहीं मिल रही है। जब तक तेंदुए को बाहर नहीं निकाला जा सकता, तब तक दोनों जनपदों की वन टीम मौके पर कैंप कर रही है। तेंदुए को नदी से निकालने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। सरोप सिंह रावत वन क्षेत्राधिकारी, मुरादाबाद