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Moradabad News: पिता का नाम बदलकर उत्तराखंड में बेच दी करोड़ों की भूमि

Thu, 27 Mar 2025 12:31 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
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ठाकुरद्वारा। क्षेत्र के एक ग्रामीण ने अपने पिता का नाम बदलकर उत्तराखंड के जनपद नैनीताल में करोड़ों की भूमि को बेच दिया। वहां के निवासी रिटायर्ड कर्नल की शिकायत पर एसडीएम ने जांच नायब तहसीलदार आदित्य मौर्य को सौंपी है। जबकि लेखपाल की जांच में आरोपी के अपने प्रमाण पत्रों में पिता का नाम बदलने की पुष्टि हुई है।
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जनपद नैनीताल के पीरुमदारा निवासी रिटायर्ड कर्नल बलराज सिंह लांबा ने एसडीम को शिकायती पत्र देकर कहा कि उनके यहां पर बलवीर सिंह पुत्र चनन सिंह के नाम से सड़क किनारे करोड़ों की भूमि स्थित है। उनका कहना है कि बलवीर सिंह की मृत्यु हो गई है। जबकि उनके परिवार के लोग विदेश में रहते हैं। जिसका ठाकुरद्वारा क्षेत्र के गांव बहापुर बलिया निवासी ग्रामीण में लाभ उठाया। वह पीरु मदारा में मजदूरी करता था। उनका आरोप है कि उसका नाम भी बलवीर सिंह है लेकिन पिता का नाम दूसरा है। उसने इसका लाभ उठाया और अपने आधार कार्ड, स्थाई निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र में अपने पिता का नाम बदलकर चनन सिंह रख लिया।
उनका आरोप है कि उसने इसका लाभ उठाया और बलवीर सिंह के नाम में पीरुमदारा में स्थित करोडो की भूमि को बेचना शुरू कर दिया है। काफी जमीन उसने बेच भी भी दी है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसडीएम प्रीति सिंह ने बताया कि उन्हें इस संबंध में शिकायत मिली है और उन्होंने इसकी जांच नायब तहसीलदार आदित्य मौर्य को सौंपी है। उसके फर्जी प्रमाण पत्र बनाने में जो भी कर्मचारी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं आरोपी के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी। उधर इस शिकायत की जांच हल्का लेखपाल तेजपाल सिंह ने की उन्होंने आरोप को सही पाया उन्होंने बुधवार को कोतवाली पहुंचकर हल्का लेखपाल तेजपाल सिंह ने आरोपी बलवीर सिंह के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। तहरीर में कहा गया है कि बलवीर सिंह के पिता का असली नाम केसरी सिंह है। जबकि उसने अपना नाम अपने पिता का नाम आधार कार्ड स्थाई, निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र में बदलकर चनन सिंह करा लिया है। उसने यह फर्जीवाड़ा छह मई 2023 को किया है। उनका कहना है कि नाम संशोधन करने के लिए आवेदक फॉर्म को भरता है। लेकिन पुलिस ने लेखपाल से कहा कि वह उचित माध्यम से अपनी तहरीर को भेजें। तभी रिपोर्ट दर्ज होगी।
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