एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि सीए हत्याकांड में पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की। प्रॉपर्टी डीलरों से भी पूछताछ की थी। इसमें खुशवंत सिंह उर्फ भीम चौधरी को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इसी दौरान आरोपी ने पूछताछ में उसने कुशांक हत्याकांड के राज खोल दिए। आरोपी ने बताया कि वह ठेकेदारी करता है। इसमें ललित कौशिक ने उसकी मदद की थी। इसके अलावा वह ललित कौशिक के भांजे का दोस्त है। जिसके जरिए उसकी जान पहचान ललित कौशिक से हुई थी।
चार्जशीट दाखिल न होने पर धरने पर बैठे थे कुशांक गुप्ता
रामगंगा विहार में कुशांक गुप्ता की सिद्धबली नाम से स्पोर्ट्स सामान की दुकान है। तीन साल पहले कुशांक गुप्ता का सैलून संचालक भूरे से दुकान खाली कराने को लेकर विवाद हो गया था। इस मामले में सैलून संचालक की ओर से भाजपा नेता ललित कौशिक आ गया था। आरोप है कि ललित कौशिक ने कुशांक की पिटाई की थी। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में तस्वीरे कैद हो गई थीं। इस मामले में ललित कौशिक और पांच- छह अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने चार माह बाद तक केस में चार्जशीट दाखिल नहीं की थी। तब कुशांक अपनी दुकान के बाहर ही धरने पर बैठ गए थे। तब पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद ही कुशांक धरने से उठे थे।
गैंगस्टर में होगी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई: एसएसपी
एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि खुशवंत सिंह उर्फ भीम चौधरी के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में 2016 में लूट में केस दर्ज किया गया था। 2012 में वह उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद के ज्वाला नगर थाने से वाहन चोरी के मामले में जेल भेजा गया था। इसके अलावा ललित कौशिक के खिलाफ मूंढापांडे, सिविल लाइंस में छह केस दर्ज हैं। अब पुलिस गैंगस्टर में भी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।