एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि बारह जनवरी 2022 की रात करीब साढ़े आठ बजे सिविल लाइंस के रामगंगा विहार निवासी स्पोर्ट्स कारोबारी कुशांक गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय अपनी दुकान बंद कराकर घर लौटने की तैयारी कर रहे थे। इस मामले में कुशांक के पिता अशोक गुप्ता ने बिजनौर के नूरपुर निवासी हिमांशु गोयल और प्रियांशु गोयल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने पांच दिन बाद दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिए थे। एसएसपी ने बताया कि विवेचना में दोनों भाइयों की भूमिका नहीं पाई गई थी। तब पुलिस की ओर से कोर्ट में 169 की रिपोर्ट दाखिल कर उन्हें रिहा करा दिया गया था। इसके बाद से पुलिस लगातार केस पर काम कर रही थी।
अब मझोला के सीए श्वेताभ तिवारी हत्याकांड में पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों को उठाकर पूछताछ की। इस मामले में हरथला निवासी खुशवंत सिंह उर्फ भीम चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। खुशवंत ने से पूछताछ में पता चला कि चौदह माह पहले कुशांक गुप्ता की हत्या दीनदयाल नगर निवासी भाजपा नेता ललित कौशिक ने सुपारी देकर कराई थी। आरोपी ने बताया कि उसे ही ललित कौशिक ने शूटर को कुशांक की दुकान के पास बाइक से छोड़ने और हत्या के बाद उसे बाइक पर बैठाकर शहर से बाहर छोड़ने की जिम्मेदारी दी थी।
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि ललित ने उससे पहले ही मना कर दिया था कि वह शूटर से कोई बात नहीं करेगा। शूटर ने मास्क लगा रखा था। एसएसपी ने बताया कि ललित कौशिक को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी है। जिस पर मंगलवार को सुनवाई होनी है। खुशवंत सिंह उर्फ भीम मूलरूप से भोजपुर के हिमायूपुर निवासी है।
ये था कुशांक और ललित के बीच विवाद
आरोपी ने कुशांक और ललित कौशिक के बीच विवाद की कहानी बताई। उसने बताया कि 2020 में कुशांक का दुकान खाली कराने को लेकर सैलून संचालक से विवाद हो गया था। इसी विवाद में ललित कौशिक ने सैलून संचालक का पक्ष देते हुए कुशांक गुप्ता को धमकाने उनकी दुकान में चले गए थे। इस दौरान सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में भी धमकाने की तस्वीरें कैद हो गई थीं। कुशांक ने केस भी दर्ज करा दिया था। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी थी। कुशांक समझौता करने को तैयार नहीं हो रहा था। इसके अलावा वह लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करता था। जिससे ललित कौशिक की बदनामी हो रही थी। उस वक्त ललित कौशिक भाजपा से मुरादाबाद देहात सीट से टिकट की दावेदारी कर रहे थे। अपनी छवि बचाने के लिए कुशांक को ठिकाने लगाने की साजिश रची थी।