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Kundarki By Election: पूर्व विधायक हाजी रिजवान सातवीं बार मैदान में उतरे, 2022 में छोड़ दिया था सपा का दामन

Fri, 25 Oct 2024 02:25 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

by election 2024: समाजवादी पार्टी ने कुंदरकी सीट पर एक बार फिर हाजी मोहम्मद रिजवान पर भरोसा जताया है। रिजवान इससे पहले 2002, 2012, और 2017 में इस सीट पर सपा को जीत दिला चुके हैं। 2022 में सपा से नाराज होकर बसपा से चुनाव लड़ने के बाद मार्च में उन्होंने फिर सपा में वापसी की है।
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कुंदरकी से सपा प्रत्याशी हाजी रिजवान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कुंदरकी विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर हाजी मोहम्मद रिजवान पर अपना भरोसा जताया है। वर्ष 2002, 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को जीत दिलाने वाले मो. रिजवान एक बार फिर इस सीट पर ताल ठोकेंगे। मो. रिजवान भाजपा प्रत्याशी रामवीर सिंह और बसपा प्रत्याशी रफतउल्ला खां को चुनौती देते नजर आएंगे।

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यह उनका सातवां विधानसभा चुनाव है। बिलारी तहसील के डोमघर गांव के रहने वाले हाजी मोहम्मद रिजवान ने पहली बार 1996 में सपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि, वह इस चुनाव में बसपा प्रत्याशी अकबर हुसैन से महज 200 वोट के अंतर से चुनाव हार गए थे।

इसके बाद वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में सपा ने रिजवान को फिर टिकट दिया और उन्होंने 17,882 वोट से जीत हासिल कर कुंदरकी विधानसभा सीट पर सपा का खाता खोला। पार्टी ने वर्ष 2007 में एक बार फिर उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया। इस बार बसपा प्रत्याशी अकबर हुसैन ने उन्हें 9,270 वोट से हरा दिया।
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2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में मो. रिजवान ने लगातार दो बार भाजपा उम्मीदवार रामवीर सिंह को हराकर पार्टी को जीत दिलाई। उन्होंने 2012 के चुनाव में 17,201 और 2017 के चुनाव में 10,821 वोट के अंतर से जीत हासिल की। 

2022 में छोड़ दिया था सपा का दामन 

2012 और 2017 में लगातार दो बार पार्टी को जीत दिलाने के बावजूद सपा ने 2022 के विधानसभा चुनाव में उनका टिकट काट दिया। इस चुनाव में सपा ने जियाउर्रहमान बर्क को अपना उम्मीदवार बनाया था। इससे नाराज होकर हाजी रिजवान ने सपा का दामन छोड़ बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन वह कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और तीसरे स्थान पर रहे।

इस चुनाव में सपा के जियाउर्रहमान ने भाजपा प्रत्याशी कमल कुमार को 43,162 वोट के अंतर से हराया था। हालांकि, इसी साल मार्च में हाजी रिजवान ने वापस सपा का दामन थाम लिया था।

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सपा ने खुलकर चला पीडीए कार्ड

उपचुनाव में प्रत्याशियों के नाम के सारे पत्ते खोलने के साथ ही समाजवादी पार्टी ने साफ कर दिया कि पीडीए का नारा महज नारा ही नहीं बल्कि हकीकत है। सपा ने नौ में से तीन टिकट पिछड़ी जातियों और दो दलित को दिए हैं, जबकि चार मुस्लिमों पर दांव लगाया है। इनमें पांच सीटें महिलाओं को देकर आधी आबादी को तरजीह दी है।

बुधवार तक सपा ने छह सीटों पर नामों की घोषणा कर दी थी। बृहस्पतिवार को बची हुई तीन सीटों पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने खैर से डॉ. चारू कैन, गाजियाबाद से श्री सिंह राज जाटव और कुंदरकी से मोहम्मद रिजवान को टिकट दे दिया। पार्टी ने अभी मोहम्मद रिजवान के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन सपा द्वारा जारी फार्मेट सी-7 में मोहम्मद रिजवान को अपना प्रत्याशी बताया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार फार्मेट सी-7 में प्रत्याशियों के आपराधिक इतिहास का ब्योरा दिया जाता है। इससे पहले करहल से तेज प्रताप यादव, सीसामऊ से नसीम सोलंकी, फूलपुर से मुज्तबा सिद्दीकी, कटेहरी से शोभावती वर्मा, मझवां से डॉ. ज्योति बिंद और मीरापुर से सुम्बुल राणा के नामों का एलान हो चुका है।

इसी के साथ सभी नौ सीटों पर सपा के सभी प्रत्याशियों सामने आ गए हैं। नामों की घोषणा के साथ साफ हो गया कि सपा ने उपचुनाव में खुलकर पीडीए कार्ड चला है। यहां तक कि सामान्य सीट गाजियाबाद से भी जाटव प्रत्याशी के रूप में श्री सिंह राज जाटव को उतार दिया।

वहीं एक बिंद, एक कुर्मी, दो जाटव और एक यादव को साइकिल चुनाव चिह्न देकर पिछड़ी जातियों को साधने की कोशिश की गई है। वहीं चार मुसलमानों को मैदान में उतार कर पार्टी में उनकी अहमियत का साफ संदेश भी दिया है। प्रत्याशियों में एक भी सामान्य जाति से नहीं है।

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