मुरादाबाद। गांगन नदी के ऊपर नए पुल को बनाते समय सेतु निगम ने खानापूर्ति की थी। इसी कारण पुल की रेलिंग महज 11 वर्षों में ही धराशायी हो गई। अब लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम के इंजीनियरों ने जांच की तो मामला सामने आया। हालांकि अब भी विभागीय लोग इसे छुपाने में लगे हैं। बहरहाल रेलिंग की मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार हो गया है। करीब पांच लाख रुपये की लागत से रेलिंग की मरम्मत होगी।
वर्ष 2007 से 2010 के बीच गांगन नदी पर नए पुल का निर्माण किया गया था। इस दौरान पुल की रेलिंग और फुटपाथ स्लैब के आधार पर नहीं बनाए गए। फुटपाथ को बीम (लिंटरनुमा) बनाया गया। इसके बाद फुटपाथ पर ऊपर से ही रेलिंग चिनी गई। इस कारण से फुटपाथ और रेलिंग ज्यादा समय नहीं टिक सके। गौरतलब है कि 18 सितंबर को पुल की रेलिंग और फुटपाथ का लगभग 30 मीटर हिस्सा टूटकर नदी में गिर गया था। इसके 19 घंटे बाद तक विभाग को खबर तक नहीं लगी थी।
अब लोनिवि ने पुल पर बोर्ड लगा दिया है कि कृपया बाईं ओर यानी पुराने पुल से गुजरें। इसके बावजूद रोजाना हजारों वाहन खतरे के बीच पुल से गुजर रहे हैं। शेष बची रेलिंग की स्थिति भी यह है कि किसी वाहन की हल्की टक्कर से ही वह टूट सकती है। ऐसे में पुल की गुणवत्ता का कोई भरोसा नहीं है।
दिन में रोडवेज बसें और रात में भारी ट्रक और कंटेनर भी इस पुल से गुजरते हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिसासी अभियंता लक्ष्मी नारायण का कहना है कि एस्टीमेट तैयार हो चुका है। बजट के लिए सहमति बनने के बाद अगले सप्ताह तक पुल की रेलिंग की मरम्मत शुरू हो जाएगी।