मुरादाबाद। हर साल राष्ट्र का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के महाविद्यालय के खेल मैदान की स्थिति काफी खराब है। वॉलीबॉल और फुटबाल खेलने वाले ग्राउंड पर बड़ी-बड़ी घास उग आई हैं। क्रिकेट पिच पर कीचड़ है। पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्राउंड पर बारिश का पानी भरा हुआ है। स्थिति यह है कि खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए प्राइवेट ग्राउंड का सहारा लेना पड़ता है।
गुरु जंभेश्वर विवि से संबद्ध केजीके महाविद्यालय समेत जिले के अन्य महाविद्यालयों में खेल सुविधाओं का अभाव है। केजीके कॉलेज में 200 से अधिक छात्र क्रिकेट, वॉलीबॉल, फुटबाल समेत अन्य खेलों में रुचि रखते हैं। यहां से हर साल 20 से अधिक खिलाड़ी यूनिवर्सिटी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग करते हैं और पदक जीतते हैं। लेकिन महाविद्यालय का ग्राउंड खस्ताहाल है। ग्राउंड में पानी भरा हुआ है। क्रिकेट की पिच पूरी तरह से खराब हो चुकी है। क्रिकेट सीखने के लिए ग्राउंड में लगाए गए नेट फट चुके हैं।
विवि के अनुसार जिले के महाविद्यालयों में 26 जुलाई से कक्षाएं चलने लगेंगी। बीएस तृतीय वर्ष के छात्र प्रवीण कुमार सागर ने बताया कि ग्राउंड पर बारिश होने के कारण पानी भर जाता है। करीब एक सप्ताह तक खेल प्रभावित रहता है। अभी तक वॉलीबॉल नेट नहीं लगाया गया है। एलएलबी के छात्र अभिनव रावत ने बताया कि खेल शुरू हो जाएंगे लेकिन खेल के मैदान ठीक नहीं होंगे। हर बार खेल का मैदान ठीक कराने के लिए कॉलेज में संबंधित विभाग में कहा जाता है।
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हर साल 20 खिलाड़ी राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर जीतते हैं मेडल
- केजीके महाविद्यालय से हर साल करीब 20 खिलाड़ी राज्य व राष्ट्रीय स्तर में मेडल जीतते हैं। महाविद्यालय में कक्षाएं शुरू होने के बाद ही खेल छात्र-छात्राएं अभ्यास करना शुरू कर देते हैं। लेकिन अभी तक खेल मैदान ठीक नहीं कराया गया है। बीए द्वितीय वर्ष के छात्र अभिषेक शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिताएं शुरू हो जाती हैं, लेकिन अभ्यास करने के लिए समय नहीं मिलता है। इससे खेल प्रभावित होता है।
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छात्र दूसरे मैदान की ओर कर रहे रुख
- केजीके महाविद्यालय में खेल का मैदान ठीक नहीं होने के कारण महाविद्यालय के कई छात्र निजी खेल मैदान में खेलने जाते हैं। बीए द्वितीय वर्ष के छात्र रणविजय सिंह ने बताया कि महाविद्यालय के ग्राउंड के भरोसे नहीं रह सकते हैं। ग्राउंड ठीक करने का कुछ पता नहीं रहता है। ग्राउंड पर घास कभी-कभी काट दी जाती है। लेकिन केवल घास काटने से ग्राउंड ठीक नहीं हो जाता है। उन्होंने बताया कि वह वॉलीबॉल खेलते हैं। इसके लिए वह प्राइवेट एकेडमी में अभ्यास करते हैं।
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- महाविद्यालय में पढ़ाई शुरू होने के पहले ग्राउंड को ठीक करवा दिया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को ग्राउंड की सुविधा मिल सकेगी। खिलाड़ियों को कोई भी परेशानी न हो इसके लिए महाविद्यालय को निर्देशित भी कर दिया जाएगा। - गिरीश कुमार द्विवेदी, कुल सचिव, गुरु जंभेश्वर विवि