कांठ। हरिद्वार से शिवभक्त कांवड़ियों के द्वारा कांवड़ जाने का सिलसिला जारी है। सावन माह के दूसरे सोमवार और 11 अगस्त को महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए कांवड़िये अपनी मंजिल की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
इस समय मुरादाबाद-हरिद्वार मार्ग पर हर ओर केसरिया वस्त्रधारी कांवड़िये ही कांवड़िये दिखाई दे रहे हैं। हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए कांवड़िये तेजी से मंजिल की ओर जा रहे हैं। शुक्रवार को कांवड़ यात्रा के क्रम में बरेली, बदायूं, आंवला, पीलीभीत, शाहजहांपुर, रामपुर, मीरगंज, टांडा, शाहबाद, मिलक, बिलारी, कुंदरकी, संभल आदि के कांवड़ जत्थे कांठ से होकर निकले। इनमें सबसे अधिक संख्या पैदल आने वाले कांवड़ियों की रही। कांवड़ियों को जत्थों में सुंदर-सुंदर कांवड़ मनमोहक लग रही हैं। कोई खड़ी कांवड़ लेकर जाता दिखाई दे रहा है तो कोई बैकुंठी कांवड़ कांधे पर रखकर जा रहा है। इसी के साथ इस बार कलश कांवड़ भी अधिक दिखाई दे रही हैं। कांवड़िये हरिद्वार से शिवलिंग रथ, शिव रथ भी पैदल खींचकर अपनी मंजिल की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं।
सावन माह की कांवड़ यात्रा के चलते नगर व क्षेत्र में लगे सेवा शिविरों में कांवड़ियों का स्वागत और सत्कार किया जा रहा है। कांठ नगर के गांधी आश्रम परिसर में चल रहे विश्व हिंदू परिषद धर्म यात्रा महासंघ, पूर्व चेयरमैन अजयवीर सिंह पप्पू के ढाबे सहित कई स्थानों पर शिविरों में कांवड़िये पहुंच रहे हैं। वहीं उप जिलाधिकारी स्निग्धा चतुर्वेदी, क्षेत्राधिकारी सुनीता दहिया, तहसीलदार राजकुमार सिंह, थाना प्रभारी कांठ सुदेश पाल सिंह, थाना प्रभारी छजलैट रमेश सहरावत, नायब तहसीलदार योगेशचंद्र शर्मा ने शुक्रवार को क्षेत्र में भ्रमण कर कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। उन्होंने पुलिस को अपने प्वाइंटों पर मुस्तैद रहने के निर्देश भी दिए हैं।