कांठ। हर-हर महादेव के जयकारों संग हरिद्वार से गंगाजल ला रहे कांवड़ियों की लगातार वापसी हो रही है। सावन माह में भगवान शंकर का जलाभिषेक करने के लिए तमाम कांवड़िये हरिद्वार जा भी रहे हैं।
रविवार को कांठ नगर से गुजरने वाले शिव भक्त कांवड़ियों की संख्या काफी रही। सावन मास के प्रत्येक सोमवार को भगवान शंकर का जलाभिषेक करने के लिए कांवड़िये हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल लौट रहे हैं। दस अगस्त को सावन के दूसरे सोमवार और 11 अगस्त को शिवरात्रि को भगवान शंकर का जलाभिषेक करने के लिए कांवड़िये गंगाजल भरकर ला रहे हैं। तीसरे सोमवार के लिए इस सप्ताह बड़ी तादाद में कांवड़ियों की वापसी होने की उम्मीद जताई जा रही है। रविवार को भी कांवड़ियों की हरिद्वार से वापसी हुई है। इस दौरान बरेली, बदायूं, बिल्सी, रामपुर, बिलासपुर, टांडा, शाहबाद, मिलक, संभल, चंदौसी, बिलारी, कुंदरकी, मुरादाबाद, हरथला, अगवानपुर के कांवड़ जत्थे कांठ क्षेत्र से होकर निकले। इधर तमाम जत्थे हरिद्वार के लिए रवाना भी हुए हैं। सावन माह में हर ओर बम-बम भोले की जय जयकार हो रही है।
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कांवड़ियों की झांकियां व रथ लोगों का खींच रहे ध्यान
कांठ। सावन माह में जलाभिषेक करने के लिए हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे कांवड़ियों के जत्थों में झांकियां और रथ सुंदर व मनमोहक लग रहे हैं। किसी जत्थे में रथ में विराजमान शिव परिवार की झांकियों के साथ कांवड़िये अपनी मंजिल की ओर बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। संवाद