पार्टी से बगावत करके महापौर उपचुनाव लड़ रहे सपा नेता कैसर अली कुद्दूसी को बुधवार को पार्टी से बाहर कर दिया गया। बीते दिन हवाई पट्टी पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपा जिलाध्यक्ष को बागियों पर एक्शन लेने की खुली छूट दी थी।
जिसके बाद बुधवार को कैसर अली को सपा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। दूसरे बागी जावेद हुसैन अंसारी को भी हिदायत दी गई है कि चुनाव से कदम नहीं खींचे तो हश्र कैसर जैसा ही होगा।
महापौर उपचुनाव में टिकट की दावेदारी को लेकर सपा में बगावत हुई थी। छह सपा नेताओं ने टिकट मांगा था। लेकिन पार्टी ने पैनल से बाहर बैठे महानगर अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति को सिंबल देकर सभी को चौंका दिया था।
पार्टी द्वारा राजकुमार को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद से ही सपा में घमासान मचा था। सपा नेता शुएब पाशा, कैसर अली कुद्दूसी, हाजी जुल्फिकार, विनोद गुंबर और जावेद हुसैन अंसारी ने भी नामांकन दाखिल कर दिए थे। हालांकि पार्टी की चेतावनी के बाद शुएब पाशा और जुल्फिकार अपना नाम वापस ले चुके हैं और विनोद गुंबर का पर्चा खारिज हो चुका है।
लेकिन कैसर अली कुद्दूसी और जावेद अंसारी अभी तक चुनाव मैदान में डटे हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भदासना हवाई पट्टी पर आए थे तो उनके सामने भी बागियों का मुद्दा उठा था। जिस पर सीएम ने जिलाध्यक्ष हाजी इकराम कुरैशी को बागियों पर कार्रवाई करने की छूट दे दी थी। इसके बाद बुधवार को कैसर अली को बाहर कर दिया गया।
जावेद से कहा गया है कि या तो इलेक्शन से पैर खींचकर सपा का प्रचार शुरू कर दो नहीं तो कैसर अली जैसा ही अंजाम भुगतने को तैयार रहो। सपा के जिला महासचिव संजीव यादव ने बताया कि कैसर अली को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।