केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते आप सदस्य
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बीस दिन की तालाबंदी ने सर्राफा कारीगरों की कमर तोड़ दी है। रोज कमाना, रोज खाना बंद हो गया है। जो थोड़ी जमा पूंजी थी वह भी खर्च हो गई है। छोटे छोटे कारीगरों के पास हाथ फैलाने के सिवा कोई रास्ता नहीं बचा। बंदी का असर होली पर बच्चों को न भुगतना पड़े इसके लिए कारोबारियों से कारीगर कर्ज ले रहे हैं।
जिन दुकानदारों के लिए वह जुड़ाई, गलाई, पालिश का काम करते हैं उनसे पांच सौ- एक हजार रुपये एडवांस मांग रहे हैं, ताकि घर परिवार होली का त्यौहार पूरे उल्लास से मना सकें। मंडी चौक में सोना, चांदी की जुड़ाई, पालिश करने वाले छोटे कारीगर खासतौर पर परेशान हैं।
जुड़ाई का काम करने वाले राजेश रस्तौगी, रामप्रकाश रस्तौगी, आभूषण बनाने और जुड़ाई का काम करने वाले मिथुन बंगाली, पालिश का काम करने वाले राजकुमार, बाबर खां कहते हैं कि कई दिन से काम बंद है। काम ही नहीं तो पैसा कहां से आएगा। त्यौहार के लिए व्यापारियों से एडवांस लेना मजबूरी है।
हर व्यापारी कर रहा कारीगरों की मदद
उत्तर प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन के मंत्री डा. गौरव अग्रवाल के अनुसार छोटे छोटे कारीगर हैं। हर आदमी के पास बड़े खर्च हैं। त्यौहार है तो खर्च और बढ़ गया है। कारीगरों की मदद हर व्यापारी कर रहा है। कारीगरों को उनकी जरूरत के अनुसार रुपये दे रहे हैं ताकि उनकी परेशानी दूर रहे। नवीन रस्तौगी, गंजबाजार के अध्यक्ष नीरज अग्रवाल कहते हैं कि हर व्यापारी से कहा है कि कारीगरों को सहयोग करें। वह एडवांस में कुछ धन चाहते हैं तो दें।